jhankar
ब्रेकिंग
ई-टोकन स्थगित, अब हाइब्रिड पद्धति से मिलेगा खाद पटवारी के पास नाम दर्ज कराने पर मिलेगी तारीख नर्मदा के घाटों पर स्नान और नौकायन प्रतिबंधित जिला एवं स्थानीय स्तर पर गरिमापूर्ण ढंग से मनाया जाएगा स्वतंत्रता दिवस समारोह खाद्य प्रतिष्ठानों से घी के नमूने लिये दूध व पनीर के नमूने अवमानक पाये जाने पर नोटिस जारी हर घर तिरंगा अभियान: खिलाड़ियों ने घर-घर तिरंगा फहराने का लिया संकल्प तिरंगा रैली में गूंजे भारत मात... स्वतंत्रता दिवस पर शुष्क दिवस घोषित वर्षा के दौरान सुरक्षा को लेकर कलेक्टर की अपील नदी-नालों एवं जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें नागर... कलेक्टर ने जनसुनवाई में सुनी नागरिकों की समस्याएं हरदा कलेक्टर कार्यालय ने सोलर पैनल से बचाए 30 हजार रूपये प्रशासन ने की आमजन से सौर ऊर्जा अपनाने की ... सार्वजनिक मंदिर में पूजा पर रोक वार्डवासियों ने एसडीएम विजय राय से की शिकायत,एसडीएम ने सीएमओ अमर सिं...

तालाब में बना आरामगाह!

पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना में सामाजिक कार्यकर्ता संजय सिंह राजपूत ने नशा मुक्ति का संदेश देने के लिए एक अनोखा और दुर्लभ तरीका अपनाया। उन्होंने कमलाबाई तालाब में घंटों तक जल योग कर सभी को चौंका दिया। इस दौरान वे करीब 20 फीट गहरे पानी की सतह पर ऐसे लेटे दिखे जैसे किसी बिस्तर पर विश्राम कर रहे हों। इस दौरान उन्होंने कई प्रकार की क्रियाएं भी की। उनका यह प्रदर्शन स्थानीय पुलिस द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान के तहत किया गया।

- Install Android App -

संजय सिंह ने पानी की सतह पर लेटकर न केवल शरीर का अद्भुत संतुलन दिखाया, बल्कि कई क्रियाएं भी कीं। उन्होंने जल में तैरते हुए कलम से निबंध लिखा, मोबाइल फोन से वीडियो कॉल पर दोस्तों से बात की, अपना वीडियो रिकॉर्ड किया और अखबार भी पढ़ा। यह सब उन्होंने बिना किसी सहारे के किया, जिससे वहां मौजूद लोग इस अद्भुत कला को देखकर हैरान हो गए। संजय सिंह के इस जलयोग का मकसद लोगों को नशा मुक्ति की तरफ प्रेरित करना था।

संजय सिंह राजपूत ने ईटीवी भारत से विशेष बातचीत में बताया कि वे पिछले 17 वर्षों से जल योग कर रहे हैं। पहले उनका वजन 50 किलो था, लेकिन अब यह बढ़कर 120 किलो से अधिक हो चुका है। इसके बावजूद उन्होंने पानी की सतह पर खुद को इतने अच्छे से संतुलित रखा मानो वे पीपल के पत्ते की तरह तैर रहे हों। उनका यह संतुलन देखने लायक था और उन्होंने बताया कि योग और ध्यान से यह संभव हो सका है।