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रीवा में यूजीसी के समर्थन में प्रदर्शन, आपत्तिजनक नारेबाजी का आरोप

रीवा। यूजीसी  के समर्थन में हुए प्रदर्शन को लेकर अब मामला पुलिस तक पहुंच गया है। प्रदर्शन के दौरान आपत्तिजनक नारेबाजी और गाली-गलौज के आरोप सवर्ण द्वारा लगाए गए हैं। इससे पहले 16 फरवरी को आंदोलन के बाद एसडीएम ने सिविल लाईन थाना पहुंच कर आंदोलनकारियों की शिकायत दर्ज कराई थीं, जिसके बाद पुलिस ने अव्यवस्था फैलाने वाले 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज जांच शुरू कर दी है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, 16 फरवरी 2026 को रीवा में UGC के समर्थन में प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान कॉलेज चौराहे पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे। एक विशाल रैली के माध्यम से शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए वो कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां तहसीलदार, एसडीएम, एडीएम ज्ञापन लेने के लिए उपस्थित थे लेकिन आंदोलनकारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन देने की बात में अड़े रहे और करीब 4 घंटे तक कलेक्ट्रेट के सामने मुख्य मार्ग को जाम कर दिया।जिससे एंबुलेंस, स्कूल वैन, यात्री सहित पूरा शहर जाम के कारण परेशान रहा।

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सवर्ण समाज ने कार्रवाई की मांग की

वहीं इस दौरान आंदोलन कर रहे लोगों ने अभद्र भाषा का उपयोग किया और अधिकारियों के सामने ही स्वान को ज्ञापन पहना कर अपमान किया, जिस पर बिना अनुमति के प्रदर्शन करने और अभद्र भाषा का उपयोग कर अव्यस्था फैलाने की शिकायत प्रशासन द्वारा थाने में दर्ज कराई गई थी। वहीं सवर्ण समाज ने भी आरोप लगाते हुए प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की और थाने में आवेदन दिया।

सवर्ण समाज के लोगों ने क्या कहा?

समाजसेवी वी. के. माला ने कहा की रैली के दौरान ब्राह्मण, ठाकुर और बनिया समाज के खिलाफ आपत्तिजनक, अमर्यादित और अशोभनीय नारे लगाए गए। वहीं अधिवक्ता आनंद तिवारी का कहना है कि किसी भी वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचाने का अधिकार किसी को नहीं है। आवेदन में यह भी मांग की गई है कि इस तरह की घृणित और भड़काऊ गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।