संत रविदास जयंती- CM योगी ने दी बधाई, कहा- ‘सबका साथ-सबका विकास’ के संकल्प में बसती है गुरुजी की शिक्षा
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संत रविदास जयंती के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर उन्होंने संत रविदास के विचारों को आधुनिक भारत के निर्माण का आधार बताया और समाज में समरसता का आह्वान किया।
गुरु रविदास की शिक्षाओं में सबका साथ सबका विकास की आत्मा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर अपने संदेश में कहा कि वर्तमान सरकार का ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ का संकल्प वास्तव में संत रविदास जी की शिक्षाओं का ही प्रतिबिंब है। उन्होंने जोर देकर कहा कि गुरु जी ने जिस सामाजिक समानता और सेवा का मार्ग दिखाया था, वही आज के सुशासन का मूल मंत्र है।
कर्म और सेवा के जरिए समरस समाज का आह्वान
CM योगी ने अपने ट्वीट में लिखा, “सद्गुरु रविदास जी महाराज की पावन जयंती पर कोटि-कोटि नमन। उन्होंने कर्म के माध्यम से सेवा, समरसता और समानता का जो संदेश दिया, वह हमें आज भी प्रेरित करता है।” मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि वे संत रविदास के विचारों को अपने जीवन में आत्मसात करें और एक विकसित व भेदभाव मुक्त भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
भक्ति आंदोलन के महान समाज सुधारक थे संत रविदास
संत रविदास (14वीं-15वीं शताब्दी) भारत के उन महान संतों में से थे जिन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों और जाति-पाति के भेदभाव पर कड़ा प्रहार किया। वाराणसी में जन्मे संत रविदास ने अपने पैतृक कार्य (मोची) को करते हुए ईश्वर की भक्ति की और समाज को सिखाया कि कोई भी कार्य छोटा नहीं होता।
सद्गुरु की विचारधारा
संत रविदास जी ने ‘निर्गुण भक्ति’ का मार्ग चुना और मानवता को ही सबसे बड़ा धर्म माना। उनके भजनों की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनकी कई रचनाएं गुरु ग्रंथ साहिब में भी संकलित हैं। आज वे रविदासिया पंथ के साथ-साथ संपूर्ण मानवता के लिए एक पथ-प्रदर्शक के रूप में पूजे जाते हैं।

