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सागर में शिवराज सिंह ने रामकथा सुनी, बोले- ‘नेता बनने में नहीं, सच्चे आनंद में है’

सागर। कथा तो भगवान की ही सुनने लायक है। हर जीव के पास उसकी कथा से ज्यादा उसकी व्यथा है। भगवान की कथा जीव की व्यथा का  हरण कर लेती है। प्रभु की कथा हम जितनी बार सुनते हैं नित्य नई लगती है और मन को शांति प्रदान करती है। ये बात पूज्य प्रेमभूषण जी महाराज ने व्यासपीठ से कही. पिछले सात दिनों से सागर स्थित रुद्राक्ष धाम में श्रीराम कथा का आयोजन चल रहा था, जिसका शुक्रवार 6 फरवरी को समापन हो गया।

इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह और गोपाल भार्गव सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए। इसके बाद शिवराज सिंह ने रुद्राक्ष धाम पहुंचकर दक्षिण मुखी हनुमान जी के दर्शन और आरती कर आशीर्वाद लिया।

कथा शुरू से आखिरी तक पढ़नी और सुननी चाहिए

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प्रेमभूषण जी महाराज ने कहा कि श्रीरामचरितमानस में भगवान की पूरी कथा है। मानस जी में ही लिखा है कि “भगवान की कथा अति हरि कृपा होने से ही प्राप्त होती है। कथा प्रारंभ से अंत तक पढ़नी और सुननी चाहिए, खंडित करके नहीं. जैसे कक्षा 2, 4, 5 में नहीं पढ़कर सीधे मास्टर की पढ़ाई नहीं की जा सकती।”

दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की

सागर के रुद्राक्ष धाम में पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह द्वारा सात दिवसीय रामकथा का आयोजन कराया गया। पं. प्रेमभूषण महाराज की राम कथा को सुनने के लिए रोजाना हजारों की संख्या में भक्तगण पंडाल में पहुंचे। वहीं 1 फरवरी को दक्षिणमुखी श्याम वर्ण हनुमान मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया गया है। इस कार्यक्रम में स्थानीय नेता और जनप्रतिनिधियों ने भी पहुंचकर राम कथा का श्रवण किया।