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हंडिया : अचानक बड़े पान मसाला पाउच के भाव ! ग्राहक असंमजस में ! छोटे दुकानदार कटघरे में,,जिम्मेदारी किसकी? 

हंडिया। हंडिया में पान मसाला व तंबाकू पाउच के बढ़े दामों को लेकर बाजार में हलचल है। क्योंकि अधिकांश ब्रांड्स—जिनमें Rajshree भी शामिल है—के भाव में वृद्धि हुई है, जबकि कुछ ब्रांड जैसे Vimal पुराने रेट पर उपलब्ध बताए जा रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक आसपास के शहरों के कुछ सप्लायर मारुति वाहन में माल लाकर हंडिया के कई दुकानदारों को देते है। वहीं कुछ छोटे दुकानदार स्थानीय किराना दुकानों से ही पाउच खरीदकर बिक्री करते हैं। सप्लाई की इस दोहरी व्यवस्था में थोक रेट बढ़ने का असर सीधे छोटे दुकानदार पर पड़ रहा है।

क्योंकि उन्हें महंगा माल मिल रहा है। इसलिए उन्हें मजबूरन ₹2–₹5 बढ़ाकर बेचने पर ग्राहकों की नाराज़गी झेलनी पड़ रही है।MRP और वास्तविक खरीद रेट के बीच असमंजस।

उठते सवाल

यदि थोक में ही अधिक दर वसूली हो रही है, तो इसकी जवाबदेही सप्लाई चेन पर तय होनी चाहिए—क्योंकि अंतिम कार्रवाई का जोखिम अक्सर छोटे दुकानदारों पर ही आता है।

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प्रशासन से अपेक्षा

अधिकृत थोक दर और MRP की स्थिति स्पष्ट की जाए।

बाजार निरीक्षण कर वास्तविकता सामने लाई जाए।

व्यापारियों और उपभोक्ताओं को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।

यह मुद्दा केवल मुनाफे का नहीं, बल्कि उपभोक्ता अधिकार और पारदर्शिता का है। यदि कीमत बढ़ी है तो आधिकारिक सूचना सार्वजनिक हो; यदि नहीं, तो थोक स्तर पर हो रही गड़बड़ी पर कार्रवाई हो। अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग कब संज्ञान लेते हैं, ताकि न ग्राहक उलझें और न छोटे दुकानदार विवाद में फंसें।