jhankar
ब्रेकिंग
Aaj Ka Rashifal: आज दिनांक 18 फरवरी 2026 का राशिफल, जानिए आज क्या कहते है आपके भाग्य के सितारे रतलाम: मोमोज की दुकान पर 'घूरने' को लेकर हंगामा, जमकर चले लात-घूंसे रायसेन में सनसनी: डिप्टी जेलर समेत दो को गोली मारकर युवक ने दी जान हरदा में यातायात नियम उल्लंघन पर कार्रवाई, कई वाहनों से वसूला जुर्माना Big news : युवक पर हमला, 6 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज बजट से पहले सड़कों पर उतरी महिला कांग्रेस रीवा में यूजीसी के समर्थन में प्रदर्शन, आपत्तिजनक नारेबाजी का आरोप इंदौर : महापौर पुष्यमित्र भार्गव की मांग पर कार्रवाई: इंदौर में स्पीकर और डीजे पर रोक बड़वानी में शिक्षा की दुर्दशा; गाय-बकरियों के तबेले में ठूंसे गए 40 आदिवासी बच्चे! पोर्न स्टार बनाने की सनक में पति ने किया अश्लील वीडियो वायरल, पुलिस ने किया गिरफ्तार

तारिक रहमान बने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति ने दिलाई पद व गोपनीयता की शपथ

ढाका। तारिक रहमान ने मंगलवार को बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने संसद भवन में आयोजित एक सादे समारोह में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही देश में पिछले 18 महीनों से कार्यरत अंतरिम सरकार का कार्यकाल समाप्त हो गया।

- Install Android App -

इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री के साथ ही 25 कैबिनेट मंत्रियों और 24 राज्य मंत्रियों को भी पद की शपथ दिलाई गई। नई मंत्रिपरिषद में 25 कैबिनेट मंत्रियों में से 17 नए चेहरे हैं, जबकि 24 राज्य मंत्रियों में अधिकांश पहली बार मंत्रिमंडल का हिस्सा बने हैं। मंत्रिमंडल में एक हिंदू मंत्री को भी शामिल किया गया है। स्वयं तारिक रहमान भी पहली बार किसी मंत्रिमंडल का हिस्सा बने हैं। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के अध्यक्ष तारिक रहमान पहली बार प्रधानमंत्री बने हैं। इससे पहले दिन में पार्टी के नवनिर्वाचित सांसदों ने उन्हें संसदीय दल का नेता चुना था। वे पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया और दिवंगत राष्ट्रपति जियाउर रहमान के पुत्र हैं। लगभग 17 वर्षों तक लंदन में रहने के बाद वे दो महीने पहले ही बांग्लादेश लौटे थे। उनका कार्यकाल पांच वर्षों का होगा।

गौरतलब है कि पिछले गुरुवार को हुए आम चुनाव में बीएनपी ने 299 में से 209 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। सरकार बनाने के लिए आवश्यक 150 सीटों के आंकड़े को पार्टी ने आसानी से पार कर लिया। इसके अलावा तीन सीटों पर उसकी सहयोगी दलों ने जीत दर्ज की, जिससे गठबंधन की स्थिति और मजबूत हुई। नई सरकार के गठन के साथ ही बांग्लादेश की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नई सरकार आर्थिक सुधार, राजनीतिक स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मोर्चे पर किस तरह की प्राथमिकताएं तय करती है।