हम अक्सर सोचते हैं कि सफलता का अर्थ बड़ा पद, बड़ा घर या बड़ी पहचान है, लेकिन सच्ची सफलता इस बात में है कि कितने लोग आपके साथ दिल से जुड़े हैं और कितनों के जीवन में आपने थोड़ी सी भी रोशनी जोड़ी है।
इसलिए याद रखिए – संपर्क, संवाद और सहयोग को कभी मत छोड़िए।
संपर्क बनाते रहिए, क्योंकि अकेले चलकर आप तेज चल सकते हैं, पर साथ चलकर आप दूर तक जाएंगे। संवाद बनाए रखिए, क्योंकि अधिकतर रिश्ते गलतफहमी से नहीं, बल्कि बातचीत बंद हो जाने से टूटते हैं। सुनने की आदत डालिए, समझने की कोशिश कीजिए, हर किसी को बदलने की कोशिश मत कीजिए।
और सबसे जरूरी – सहयोग कीजिए। आपके पास जो ज्ञान, समय या शक्ति है, उसे बांटिए। किसी को “मैं हूँ ना” का भरोसा देना, किसी की मदद के लिए हाथ बढ़ा देना ही असली धर्म है।
आज किसी एक व्यक्ति से बिना किसी स्वार्थ के बात कीजिए, उसकी सुनिए और हो सके तो उसकी मदद कीजिए। यही छोटा सा कर्म आपके और समाज के जीवन को बेहतर बना देगा।

