पुलिस की प्रारंभिक जांच में पंडाल की लाइटिंग व्यवस्था में कई खामियां पाई गई हैं। झांकी में माता की पूजा का जिम्मा संभालने वाले पुजारी मुनीर मिश्रा ने बताया कि आरती के बाद 8 से 10 बच्चे सड़क किनारे खेल रहे थे। इस दौरान आयुष और वेद डिवाइडर के पास पहुंच गए और लोहे के खंभे को छूते ही करंट की चपेट में आ गए।
*पुलिस जांच में लापरवाही उजागर*
पुलिस जांच में विद्युत साज-सज्जा करने वाले व्यक्ति की लापरवाही सामने आई है। पंडाल की लाइटिंग व्यवस्था में कई खामियां पाई गईं, जिसके चलते यह दर्दनाक हादसा हुआ। पुलिस पता लगा रही है कि पंडाल में लाइट कनेक्शन वैध थे या अवैध। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
*मृतकों का अंतिम संस्कार*
दोनों बच्चों का शव आज मेडिकल कॉलेज में पोस्ट मार्टम होने के बाद पुलिस ने परिजनों को सौंपे थे। इसके बाद तिलवारा घाट मुक्तिधाम पर दोनों बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया। दोनों बच्चों को परिजनों और परिचितों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
मंत्री ने दिए जांच के आदेश
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कलेक्टर को इस घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। कलेक्टर ने घटना की जांच के लिए एसडीएम गोरखपुर अनुराग सिंह के नेतृत्व में तीन सदस्यीय दल गठित किया है। जांच दल को तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
