उज्जैन में छत्री चौक की शाही मस्जिद पर बवाल
सुरक्षा की दृष्टि से 600 से ज्यादा पुलिस, RAF-STF का फ्लैग मार्च, हाईकोर्ट में आज सुनवाई
समझे पूरा मामला क्या है…?
मकडा़ई एक्सप्रेस 24 उज्जैन। सिंहस्थ 2028 महाकुंभ की तैयारी के तहत उज्जैन में गोपाल मंदिर से कंठाल चौराहा तक 900 मीटर लंबी सड़क को 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए ट्रैफिक और भीड़ मैनेजमेंट जरूरी है।
इसी चौड़ीकरण की जद में छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद का कुछ हिस्सा आ रहा है। शहर में अब तक करीब 80 धार्मिक स्थलों को चिन्हित कर हटाया जा चुका है, जिनमें मंदिर भी शामिल हैं। मस्जिद के हिस्से की बारी आई तो विवाद शुरू हो गया।
विरोध और पुलिस कार्रवाई
शनिवार रात से ही मुस्लिम समाज के लोग बड़ी संख्या में मस्जिद के अंदर-बाहर जुट गए। रविवार रात प्रशासन JCB-पोकलेन लेकर पहुंचा तो भीड़ और बढ़ गई।
– सोमवार सुबह पथराव हुआ, जिसमें एक महिला थाना प्रभारी सहित एक पुलिसकर्मी घायल हुए।
– पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े।
– नाका चौराहे पर चक्काजाम हुआ, उज्जैन-आगर रोड ठप हो गया।
– सुरक्षा के लिए महाकाल समेत 4 थानों में 600 से ज्यादा पुलिस, RAF और STF तैनात, ड्रोन से निगरानी और फ्लैग मार्च निकाला गया।
– अफवाह फैलाने के आरोप में 10 लोगों पर FIR, जिनमें 5 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। 5 बाहरी लोगों को हिरासत में लिया गया।
अब क्या सहमति बनी…?
कलेक्टर रोशन सिंह और शहर काजी खलिकुर रहमान ने बताया – समाज दो धड़ों में बंटा था। एक धड़ा खुद मस्जिद हटाने को राजी था। आखिर में सहमति बनी कि प्रशासन की JCB नहीं चलेगी, समाज के लोग खुद छेनी-हथौड़े से मस्जिद का प्रभावित हिस्सा स्वेच्छा से हटा रहे हैं। ये आपसी सहयोग की मिसाल है।
कोर्ट में क्या चल रहा है….?
मस्जिद पक्ष ने पहले इंदौर हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में याचिका लगाई थी, जिसे 9-10 सितंबर को खारिज कर दिया गया था। अब डिवीजन बेंच (डबल बेंच) में अपील की है, जिस पर आज 28 सितंबर को सुनवाई होनी है। सबकी नजर उसी पर है।
ओवैसी की प्रतिक्रिया– AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा – “मैं सलाम करता हूं उन लोगों को जो गांधीवादी तरीके से विरोध कर रहे हैं। इस तरह मस्जिदों को शहीद नहीं कर सकते।”
फिलहाल इलाके में शांति है और बाजार बंद हैं।वहीं प्रशासन ने आमजन से शांति बनाए रखने की अपील की किसी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दे।

