मामूली विवाद में बस फूंकी,दुकानों पर जमकर पथराव अब इलाके में धारा 144 लागू
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले का तराना क्षेत्र शुक्रवार को एक बार फिर सांप्रदायिक हिंसा की चपेट में आ गया। गुरुवार रात शुरू हुआ मामूली विवाद शुक्रवार दोपहर तक एक बड़े उपद्रव में बदल गया। भीड़ ने न केवल यात्री बसों को आग के हवाले किया, बल्कि दुकानों और घरों पर भी जमकर पथराव किया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पूरे कस्बे में धारा 144 (BNS की धारा 163) लागू कर दी है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
हिंदू संगठन के कार्यकर्ता पर हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तनाव की जड़ें गुरुवार (22 जनवरी) शाम को हुई एक घटना में हैं। बस को रास्ता देने की बात पर शुरू हुए विवाद ने तब तूल पकड़ लिया जब विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ता सोहेल ठाकुर पर कुछ युवकों ने जानलेवा हमला कर दिया।
इस हमले में कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए उज्जैन रेफर किया गया है। घटना के तुरंत बाद गुरुवार रात को ही आक्रोशित भीड़ ने बस स्टैंड पर खड़ी करीब 11-13 बसों में तोड़फोड़ कर दी थी।
शुक्रवार को फिर भड़की हिंसा और आगजनी
शुक्रवार सुबह जब लगा कि स्थिति नियंत्रण में है, तभी जुमे की नमाज के बाद माहौल फिर गरमा गया। अज्ञात उपद्रवियों ने बीच सड़क पर एक यात्री बस को घेर लिया और उसमें आग लगा दी। देखते ही देखते बस आग के गोले में तब्दील हो गई।
इसके अलावा, उपद्रवियों ने एक दुकान और कुछ रिहायशी मकानों को भी निशाना बनाया। सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के अनुसार, कई जगहों पर छतों से पत्थरबाजी की गई, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
हिंदूवादी संगठनों का आक्रोश और प्रशासन की कार्रवाई
हिंसा के विरोध में हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को स्थानीय थाने का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और मांग की कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए।
संगठनों ने की जिला प्रशासन से मांग
कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो। उपद्रवियों द्वारा किए गए अवैध निर्माणों को बुलडोजर से ध्वस्त किया जाए। हिंसा में हुए सार्वजनिक और निजी संपत्ति के नुकसान की भरपाई आरोपियों से की जाए।
छावनी में तब्दील हुआ तराना
उज्जैन पुलिस अधीक्षक (SP) प्रदीप शर्मा ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन एहतियातन पूरे कस्बे को छावनी में बदल दिया गया है।
पुलिस ने अब तक 15-20 लोगों को हिरासत में लिया है और मुख्य आरोपियों की पहचान सीसीटीवी के जरिए की जा रही है।
ड्रोन कैमरों से छतों और गलियों की निगरानी की जा रही है। 10 से अधिक थानों का बल और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं
बाजार पूरी तरह बंद हैं और प्रशासन ने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की है।
“हम स्थिति पर पैनी नजर रख रहे हैं। किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उपद्रवियों को चिह्नित कर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।” – *जिला प्रशासन, उज्जैन*
( फोटो -सांकेतिक )

