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नम आंखों से दी बलिदानी सपूत को अंतिम विदाई, भारत नगर के नाम से जाना जाएगा रोहना गांव

मकड़ाई समाचार छिंदवाड़ा। देश के लिए जान न्योछावर करने वाले बलिदानी भारत यदुवंशी का शनिवार को राजकीय सम्मान के साथ गृह ग्राम शंकरखेड़ा में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान बलिदानी सपूत को अंतिम विदाई देने पहुंचे जिले के प्रभारी मंत्री कमल पटेल ने घोषणा की कि अब रोहना ग्राम पंचायत का नाम भारत नगर होगा। गांव में एक तालाब भी बनेगा, जिसका नाम भारत होगा। भारत यदुवंशी का बलिदान अमर हो गया है। भाजपा जिला अध्यक्ष विवेक बंटी साहू, पूर्व मंत्री दीपक सक्सेना, चंद्रभान सिंह समेत बड़ी संख्या में आमजन अपने जांबाज सपूत की अंतिम विदाई में शामिल हुए।

गौरतलब है कि जिला मुख्यालय से सात किमी दूरी पर रोहनकलां ग्राम पंचायत के ग्राम शंकरखेड़ा के रहने वाले भारत यदुवंशी भारत माता की सेवा करते हुए बलिदान हो गए। भारतीय सेना में सिपाही के पद पर दुर्गमला कुपवाड़ा जम्मू कश्मीर में पदस्थ भारत पिता ओमप्रकाश यदुवंशी 30 वर्ष 15 जून की शाम चार बजे पोस्ट पर ड्यूटी के दौरान ग्रेनेड ब्लास्ट में बलिदान हो गया। भारत के बलिदानी होने की सूचना उसके छोटे भाई नारद यदुवंशी को भारतीय सेना की ओर से दी गई थी। नारद भी भारतीय सेना में पुलवामा में पदस्थ है। बलिदानी भारत यदुवंशी सेना में 14 सितंबर 2015 को भर्ती हुए थे तथा वर्तमान में भारतीय थलसेना राष्ट्रीय राइफल्स 41 में पदस्थ था।

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बलिदानी भारत यदुवंशी का विवाह उर्मिला यदुवंशी से हुआ था तथा उनकी दो बेटियां आशी 5 वर्ष तथा दीप्पू 2 वर्ष है। भारत यदुवंशी के पिता ओमप्रकाश यदुवंशी पेशे से किसान है तथा गांव में ही उनकी कृषि भूमि है। कृषि कार्य करते हुए उन्होंने अपने दोनों बेटों को देश की सेवा के लिए सेना में भेज दिया था। भारत ने अपनी प्राथमिक शिक्षा रोहना स्कूल से हायर सेकेंडरी तथा शहर के डीडीसी कालेज से बीए तथा डीसीए की पढ़ाई की थी तथा बचपन से सेना में जाने का सपना देखा था।