डैनी उतपुरे मकड़ाई समाचार ब्यूरो बैतूल :– घोड़ाडोंगरी/कान्हावाडी आप ने देश प्रदेश मे गार्डन, पार्क और बगीचें तो बहुत देखे होंगे, लेकिन आज हम आपको एक ऐसी वाटिका से रूबरू कराएंगे निर्माण रोजगार गारंटी योजना के तहत बने इस वाटिका को देश और प्रदेश की पहली वाटिका होने का रुतबा मिला है। वाटिका में आने से व्यक्ति की न केवल सेहत सुधरना शुरू हो जाती है बल्कि व्यक्ति के गृह, नक्षत्र और राशियों की बिगड़ती दशा भी सुधरने लगती है। ये वाटिका बैतूल के घोड़ाडोंगरी ब्लॉक के ग्राम कान्हावाडी में स्थित है। नराग्र वाटिका के नाम से देश-विदेश में प्रसिद्ध यह वाटिका सैलानियों का केंद्र बन गई है।
वाटिका को सात चक्रों में बनाया गया है। सभी सात चक्रों को गृह-नक्षत्रों के हिसाब से बनाया गया है। जिसके बाहरी चक्र में 27 नक्षत्रों के नाम से पौधे लगाए गए हैं। वहीं बीच के चक्र में 12 राशियों के नाम से पौधे लगाए गए हैं। वाटिका के केंद्र में ग्रह नक्षत्र और राशियों के स्वामी सूर्य के पौधे का रोपण किया गया है। प्रत्येक चक्र के बीच की दूरी एक मीटर है। प्रत्येक चक्र को भी चारों दिशाओं के अनुरूप ही बांटा गया है। चक्रों में 30-30 डिग्री के अंतर से विशिष्ट क्रम में पौधों को लगाया गया है। वाटिका परिसर में एक तुलसी कानन (वन) की स्थापना भी की गई है। वन में तुलसी के पौधों की सात प्रजातियों का रोपण किया गया है। वाटिका की कुल लागत 6 लाख 10 हजार रुपए है।
वाटिका के एक्यूप्रेशर टाइल्स, यहां आने-वाले लोगों की पहली पसंद बन गया है। इन टाइल्सों पर घूमकर लोग खुद को बेहद तरोताजा महसूस करते हैं। यह एक्यूप्रेशर पाथ महिलाओं में खासा लोकप्रिय है। पाथ पर गोल-गोल चलने के कारण महिलाएं कई किमी चल लेती हैं, और उन्हें पता भी नहीं चल पाता।
भारतीय संस्कृति के अनुसार वृक्ष और नक्षत्र मानव जीवन का अभिन्न अंग है। पृथ्वी के धरातल को भूगोलविदों ने 360 अंश की अक्षांश रेखाओं में चिन्हित किया है। उसी तरह ऋषि-मुनियों ने धरती के ऊपर आकाश को 27 बराबर भागों में बांटा है। प्रत्येक भाग को एक नक्षत्र कहा जाता है। इसी के अनुरूप नराग्र वाटिका में 27 नक्षत्र 12 राशि नौ ग्रह का प्रतनिधित्त्व करते हुए विभिन्न पौधों का रोपण किया गया है।
स्थानीय निवासी, हर्षा अग्रवाल बताती हैं कि उन्हें बीपी शुगर की समस्या है, चलने में भी दिक्कत होती थी। डॉक्टर ने मॉर्निंग वॉक की सलाह दी थी। उससे तो लाभ नहीं हुआ, लेकिन एक्यूप्रेशर पाथ पर चलने से मेरा शुगर लेवल डेढ़ सौ के अंदर आ गया। इस वाटिका को तैयार करने में खास भूमिका निभाने वाले जनपद सीईओ दानिश अहमद खान का कहना है कि यह वाटिका देश का पहला नवाचार है, जिसमें मनरेगा के अभिशरण से फिटनेस के लिए कोई वाटिका बनाई गई है। इसमें नक्षत्र, राशि, गृह के पौधे, एक्यूप्रेशर पाथ बनाया गया है। यह देश का पहला उदाहरण है। जिसे ग्राम पंचायत और स्व-सहायता समूह हरदम संजोते हैं।
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चौधरी मोहन गुर्जर मध्यप्रदेश के ह्र्दयस्थल हरदा के जाने माने वरिष्ठ पत्रकार है | आप सतत 17 वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवायें देते आ रहे है। आपकी निष्पक्ष और निडर लेखनी को कई अवसरों पर सराहा गया है |
