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अध्यापकों को बड़ा झटका, शिक्षा विभाग में संविलयन पर लगी रोक

भोपाल: प्रदेश में चुनाव से पहले अध्यापकों का शिक्षा विभाग में संविलयन का सपना अधूरा ही रह जाएगा। आचार संहिता लागू हो जाने के चलते करीब डेढ़ लाख अध्यापकों की नियुक्ति के आदेश अटक गए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने अध्यापक संवर्ग के शिक्षकों की नवीन शैक्षणिक संवर्ग में नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। 30 सितंबर तक अध्यापकों के आदेश जारी करने की डेटलाइन तय की गई थी।

शिक्षकों की नवीन शैक्षणिक संवर्ग में नियुक्ति की प्रक्रिया को स्थगित करने के लिये बुधवार को आदेश जारी किए गए हैं। लोक शिक्षण आयुक्त जयश्री कियावत ने इस संबंध में सभी संभागीय संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर नियुक्ति प्रक्रिया को रोकने के लिए कहा है। इसके कारण करीब डेढ़ लाख अध्यापक प्रभावित होंगे। शिक्षा विभाग अब तक 52,000 अध्यापकों के नियुक्ति आदेश जारी कर चुका है और एक लाख से ज्यादा के आदेश जारी किए जाने हैं।

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इस प्रक्रिया को रोके जाने पर अब यह तो तय है कि प्रदेश में नई सरकार के आने पर ही यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जनवरी में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा के बाद मई में संविलयन के प्रस्ताव को मंजूरी मिली थी। कैबिनेट से मंजूरी के बाद आदेश जारी कर 25 अगस्त से नए कैडर में नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई थी। 30 सितंबर तक अध्यापकों के आदेश जारी करने की डेटलाइन तय की गई थी। लेकिन यह प्रक्रिया तय समय पर पूरी नहीं हो सकी। अध्यापकों में पहले से ही नए कैडर में नियुक्ति को लेकर नाराजगी है, वहीं नियुक्ति आदेश भी नहीं मिल पाने से आक्रोश और भी बढ़ सकता है। फिलहाल, आचार संहिता लागू होने के कारण सभी चुप हैं।

लोक शिक्षण आयुक्त द्वारा जारी किए गए पत्र में लिखा गया है कि 6 अक्टूबर से प्रदेश में विधानसभा चुनाव के चलते आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है। लिहाजा, भर्ती नियम 2018 के अंतर्गत अध्यापक संवर्ग के व्यक्तियों की नवीन शैक्षणिक संवर्ग में नियुक्ति प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से स्थगित की जाती है। जेडी और डीईओ यह सुनिश्चित करें कि कोई भी नियुक्ति आदेश जारी नहीं किया जाए। वहीं, कुछ लोग कह रहे हैं कि जानबूझकर अफसरशाही के ढीले रवैये के चलते इस प्रक्रिया में देरी की गई। देश में करीब 2.34 लाख अध्यापकों को इस संविलयन का वर्षों से इंतजार था, जिसके रुकने के कारण अब सभी शिक्षाकर्मियों में आक्रोश का माहौल है।