शिव के डमरू पर थिरकेंगे बाल गणेश, आदर्श यातायात व्यवस्था में दौड़ेगी सिटी बस और मेट्रो ट्रेन
मकड़ाई समाचार इंदौर। अनंत चतुर्दशी पर शुक्रवार रात 29 झिलमिलाती झांकियां कतारबद्ध होकर निकलेंगी। इस बार छह मिलों की 15 झांकियों के साथ खजराना गणेश मंदिर, आइडीए और नगर निगम की तीन-तीन झांकियां होंगी। स्पूतनिक ट्यूटोरियल एकेडमी की तीन, जय हरसिद्धि मां सेवा समिति और शास्त्री कार्नर नवयुवक मंडल की एक-एक झांकी भी शामिल रहेगी। इसमें विभिन्न अखाड़े तलवार, बनेठी और पटा घुमाकर कला का प्रदर्शन करेंगे। झांकियों में समन्वय के लिए मोबाइल नंबर भी जारी किए गए हैं।
धार्मिक विषयों के साथ, स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव और शहर के विकास के माडल को झांकियों में शामिल किया गया है। झांकियों में शिव के डमरू पर थिरकते बाल गणेश और आदर्श यातायात व्यवस्था में सिटी बस व मेट्रो ट्रेन दौड़ती दिखेगी।
1924 से शुरू हुई परंपरा
शहर में झांकियां निकालने की परंपरा 1924 में मिलों से शुरू हुई। सर सेठ हुकमचंद की हुकमचंद मिल ने सबसे पहली झांकी निकाली थी। समय के साथ कई मिलें इसका हिस्सा बनीं। मिलें बंद होने चलते इस परंपरा के बंद होने की बात चली तो नगर निगम, आइडीए के अतिरिक्त कई धार्मिक व सामाजिक संगठनों ने भी झांकी निकालना शुरू कर दिया।
कोरोना ने लगाया अड़ंगा
झांकी की सिलसिला 1975 से 1977 तक इमरजेंसी में भी जारी था, लेकिन 2020 और 2021 में कोरोना संक्रमण के कारण यह परंपरा टूट गई। प्रशासन ने झांकियां निकालने पर रोक लगा दी।
मत्स्य अवतार में दर्शन देंगे भगवान विष्णु
– मिल: हुकमचंद मिल सार्वजनिक गणेशोत्सव समिति
– वर्ष: 98वां
– झांकी-1: कालिया नाग पर आधारित झांकी में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं होंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र श्रीवंश के अनुसार झांकी में यशोदा माता और बाल गोपालों को भी दर्शाया गया है।
– झांकी-2: भगवान विष्णु के 18 फीट ऊंचे मत्स्य अवतार को वेदों की रक्षा करते दर्शाया गया है। झांकी कलाकार स्वाति लवंगड़े हैं।
– झांकी-3: महाकालेश्वर की भस्म आरती में भक्त नाचते-गाते दिखेंगे।
लहराएगा 35 फीट ऊंचा तिरंगा
मिल: कल्याण मिल सार्वजनिक गणेशोत्सव समिति
वर्ष: 94वां
– झांकी-1: स्वतंत्रता के अमृत महोत्सव में अंतर्गत बनाई गई झांकी में 35 फीट ऊंचा का तिरंगा नजर आएगा। प्रधानमंत्री देवीसिंह सेंगर ने बताया कि देश की एकता का संदेश देते सभी धर्मों के लोग तिरंगा थामे नजर आएंगे।
– झांकी-2: शिव पुराण पर आधारित झांकी में ब्रह्मा, विष्णु और महेश द्वारा सती अनसूया की परीक्षा लेते दिखाया जाएगा। वे अपने सतीत्व से उन्हें बालक बना देती है। तीनों उनकी गोद में खेलते दिखेंगे।
ब्रज की होली और महादेव का अभिषेक
– मिल: स्वदेशी मिल्स गणेशोत्सव समिति
– वर्ष: 93वां
– झांकी-1: ब्रज की होली पर बनी झांकी में गणेश मूर्ति के साथ मोर पंख और श्यामसुंदर की बांसुरी दिखाई देगी। अध्यक्ष कन्हैयालाल मरमट के अनुसार राधा-कृष्ण संग गोपियां होली खेलती दिखेंगी।
– झांकी-2: झांकी में छह चूहे दिखाए गए हैं। कोई लड्डू खा रहा है तो कोई नगाड़ा बजा रहा है। झांकी कलाकार ओमप्रकाश कुशवाह के मुताबिक भगवान गणेश 15 फीट के शिवलिंग का अभिषेक करते नजर आएंगे।
नजर आएगा क्रांतिकारियों का बलिदान
– मिल: राजकुमार मिल सार्वजनिक गणेशोत्सव समिति
– वर्ष: 87वां
– झांकी-1: कैलाश पर्वत पर शिव के डमरू पर भगवान गणेश को नृत्य करते दिखाया गया है। अध्यक्ष कैलाश ठाकुर के अनुसार भगवान गणेश कुछ फीट ऊपर-नीचे होते दिखेंगे।
– झांकी-2: झांकी कलाकार विनय हरगांवकर ने बताया कि देशभक्ति के रंग में रंगी दूसरी झांकी मेरा रंग दे बसंती चोला विषय पर बनाई गई है। इसमें क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव का बलिदान दिखाया गया है।
– झांकी-3: भगवान शिव के अभिषेक वाली झांकी के अगले हिस्से में महात्मा गांधी की पदयात्रा दिखेगी। यह झांकी अध्यात्म के साथ देशभक्ति के रंग में रंगी है।
राम दरबार में पवन पुत्र की स्तुति
– मिल: मालवा मिल गणेशोत्सव उत्सव समिति
– वर्ष: 88वां
– झांकी-1 :अध्यक्ष कैलाश कुशवाह के अनुसार इसमें उज्जैन में बाबा महाकालेश्वर को मौन मुद्रा में दिखाया गया है। इसके अतिरिक्त भगवान गणेश को महाकाल ज्योर्तिलिंग की परिक्रमा लगाते हुए और भक्तों को भजन करते बताया गया है।
– द्वितीय झांकी : प्रधान मंत्री राजेंद्र मरमट के मुताबिक इसमें अयोध्या के लाल भगवान राम को राज दरबार में विराजमान दिखाया गया है।इसमें उनकी स्तुति पवन पुत्र हनुमान कर रहे हैं।
तृतीय झांकी : तीसरी झांकी में भगवान कृष्ण राधा के साथ ब्रज में होली खेलते हुए दर्शाया गया है। साथ में बंसी की धुन पर थिरकती गोपियां भी नृत्य कर रही है।
मिल : होप टेक्सटाईल्स गणेशोत्सव समिति (भंडारी मिल)
वर्ष : 73वां
प्रथम झांकी : झांकी कलाकार राकेश वर्मा के अनुसार पहली झांकी गणेश विवाह पर आधारित है। इसमें प्रथम भाग में कार्तिक को मयूह पर सवार होकर पृथ्वी और भगवान गणेश को माता-पिता की परिक्रमा लगाते हुए बताया गया। इसके साथ ही उनका विवाह भी दिखाया गया है।
द्वितीय झांकी : पहले हिस्से में भगवान शिव को भस्मासुर को वरदान देते हुए दिखाया गया है।दूसरे में भस्मासुर को उनके पीछे भागते हुए और अंतिम हिस्से में भगवान विष्णु का मोहिनी रूप धारण कर नृत्य कर भस्मासुर को भस्म करते हुए बताया गया है।
खजराना गणेश मंदिर : मूसक उतारेंगे आरती, देंगे हरियाली बचाने का संदेश
खजराना गणेश मंदिर की तीन झांकिया चल समारोह में शामिल होगी। इसमें पहली झांकी में भगवान गणेश को शिव पार्वती की परिक्रमा करते हुए दिखाया गया है। पुजारी अशोक भट्ट ने बताया कि दूसरी झांकी में भगवान गणेश भोलेनाथ का अभिषेक कर रहे है। पीछे माता हरसिद्धि और दीप स्तंभ है। इसके अतिरिक्त अंतिम झांकी में खजराना गणेश की प्रतिकृति का मूसक देवता आरती उतार रहे हैं। इसके साथ ही जनमानस को हरियाली बचाने का संदेश देंगे।
नगर निगम : अयोध्या के राम मंदिर के दर्शन
नगर निगम द्वारा तीन झांकियां बनाई गई है। झांकी कलाकार दीपक लवंगडे बताते है कि पहली झांकी में शहर की आदर्श ट्रेफिक व्यवस्था दिखाई गई है। इसमें दो पहिया वाहन, सिटी बस और मेट्रो को दौड़ते दिखाया गया है। इसके अतिरिक्त दूसरी झांकी मेँ अयोध्या में निर्माणधीन मंदिर की प्रतिकृति इंदौर में नजर आएगी। तीसरी झांकी राधा-कृष्ण की रास लीला की है।
आइडीए : नजर आएगा इंटर स्टेट बस स्टैंड
इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा भी तीन झांकिया बनाई गई है। पहली झांकी में एमआर-10 के पास बन रहे इंटर स्टेट बस स्टैंड के माडल का प्रदर्शन किया जाएगा।दूसरी पर्यावरण संरक्षण की झांकी में पौधा रोपण, विकसित बगीचे और आजादी का अमृत महोत्सव दिखाया गया है।तीसरी धार्मिक विषय पर आधारित सुरसा-हनुमान की झांकी है।

