इंदौर: वीडियो कॉल पर नकदी के कार्टन दिखाकर रोड कारोबारी से 1.5 करोड़ की ठगी, 200 खातों में बांटी रकम
मकडा़ई एक्सप्रेस 24 इंदौर । साइबर ठगों के एक संगठित गिरोह ने बिजनेस लोन के नाम पर इंदौर के एक बड़े रोड कंस्ट्रक्शन कारोबारी को 1.5 करोड़ रुपए से ज्यादा का चूना लगा दिया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने वीडियो कॉल पर नोटों से भरे कार्टन दिखाकर भरोसा जीता और फिर अलग-अलग बहाने से रकम वसूलते रहे। जांच में सामने आया है कि ठगी की गई राशि को 200 से अधिक बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया।
15 करोड़ के लोन का झांसा, प्रोसेसिंग फीस के नाम पर वसूली
पीड़ित के वकील रोहित जैन ने बताया कि ठगों ने 15 करोड़ रुपए का बिजनेस लोन मंजूर कराने का वादा किया था। वीडियो कॉल पर उन्होंने कई कार्टन दिखाए और कहा कि उनमें 15 करोड़ नकद रखा है। कारोबारी को भरोसा दिलाने के बाद प्रोसेसिंग फीस, एडवांस ब्याज, एनओसी, रजिस्ट्रेशन और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर चरणबद्ध तरीके से पैसे मांगे गए।
यह तरीका बिल्कुल उस मामले जैसा है जिसमें कुछ समय पहले 10 करोड़ का लोन दिलाने के नाम पर एक कारोबारी से 1 करोड़ ठगे गए थे। उस मामले में भी आरोपियों ने नोटों के बंडलों का वजन तक बताकर विश्वास जीता था।
मोबाइल का डेटा स्कैन कर बनाए फर्जी दस्तावेज
शिकायत में आरोप है कि गिरोह ने कारोबारी का मोबाइल कुछ देर अपने पास रखकर ई-मेल और दस्तावेज स्कैन किए। उसी जानकारी के आधार पर ऐसे फर्जी कागज तैयार किए जिन पर कारोबारी के फर्जी हस्ताक्षर थे।
पुलिस का कहना है कि पैसे को ट्रेस होने से बचाने के लिए 1.5 करोड़ की रकम को 200 से ज्यादा अलग-अलग खातों में तुरंत बांट दिया गया। इससे आशंका है कि यह कोई सामान्य ठग नहीं, बल्कि सुनियोजित अंतरराज्यीय नेटवर्क है।
साउथ फिल्म इंडस्ट्री के एक्टर-एक्ट्रेस की भूमिका भी जांच में
इस रैकेट में एक नया एंगल सामने आया है। जांच एजेंसियां साउथ फिल्म इंडस्ट्री के एक अभिनेता और एक अभिनेत्री की संभावित भूमिका खंगाल रही हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार कारोबारियों का भरोसा बढ़ाने के लिए इनके नाम का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। अभी दोनों की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है।
पहले मामले में कोर्ट ने दिलवाई 1 करोड़ की वापसी
इसी गिरोह से जुड़े पिछले मामले में साइबर सेल ने 1 करोड़ रुपए फ्रीज कराए थे। जिला कोर्ट ने वह राशि पीड़ित को लौटाने का आदेश दिया था। कोर्ट के आदेश के बाद बैंक ने पूरी रकम कारोबारी के खाते में जमा कर दी। साइबर ठगी के मामलों में इतनी बड़ी राशि की वापसी को दुर्लभ माना जा रहा है।
पुलिस की सलाह
साइबर सेल ने कारोबारियों से अपील की है कि लोन या निवेश के नाम पर वीडियो कॉल पर नकदी दिखाने, जल्दी पैसा जमा करने का दबाव और अज्ञात लिंक पर भरोसा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें।

