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66 बच्चे घुटने-कमर तक पानी में नदी पार कर जाते हैं स्कूल  खातेगांव विधानसभा की पटरानी पंचायत का मामला ग्रामीण बोले – हमेशा बना रहता है अनहोनी का डर

देवास | खातेगांव विधानसभा क्षेत्र की पटरानी ग्राम पंचायत के 66 बच्चे रोजाना जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं। इन बच्चों को पढ़ाई के लिए गांव की नदी को घुटने से लेकर कमर तक पानी में पार करना पड़ता है।

बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने से खतरा और बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि तेज बहाव में कभी भी कोई हादसा हो सकता है।

खिवनी खुर्द स्कूल जाते हैं बच्चे

पटरानी पंचायत के बच्चे खिवनी खुर्द गांव के स्कूल में पढ़ते हैं। स्कूल तक पहुंचने के लिए उनके पास नदी पार करने के अलावा कोई दूसरा सुरक्षित रास्ता नहीं है।

स्थानीय लोगों के अनुसार बच्चे अक्सर बिना चप्पल के ही घुटने-घुटने पानी में चलकर स्कूल जाते हैं। फिसलन और तेज बहाव के कारण हादसे की आशंका बनी रहती है।

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स्कूल की व्यवस्था पर भी उठे सवाल

ग्रामीणों ने स्कूल की नियमित व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई है। उनका आरोप है कि कई बार रोजाना अटेंडेंस तक नहीं लगती और कभी-कभी दोपहर 2 बजे ही स्कूल बंद हो जाता है।

इस वजह से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। अभिभावकों का कहना है कि जब बच्चे इतना जोखिम उठाकर स्कूल पहुंचते हैं तो उन्हें नियमित पढ़ाई और समय पर छुट्टी मिलनी चाहिए।

ग्रामीणों ने की पुल-वैकल्पिक व्यवस्था की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी पर पुल या वैकल्पिक सुरक्षित रास्ते की मांग की है। उनका कहना है कि “हमें हमेशा डर बना रहता है कि कहीं कोई अनहोनी न हो जाए। अगर तेज बहाव में कोई घटना हो गई तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा….?”

ग्रामीणों ने जल्द से जल्द बच्चों के लिए सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि शिक्षा के साथ उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।