मकड़ाई समाचार नर्मदापुरम। सिवनी मालवा तहसील के ग्राम पथाड़ा के किसान रामाधार राठौर की मृत्यु होने पर उनके वारिसों द्वारा उपभोक्ता आयोग में आवेदन देने पर आयोग के आदेश के अनुसार किसान के वारिसों को वाद व्यय, मानसिक संत्रांस व फसल बीमा राशि सहित 84290 / रू. खरीफ 2019 के लिए मिलेंगे। यह आदेश आयोग के मान० अध्यक्ष / न्यायाधीश श्री बिपिन बिहारी शुक्ला एवं मान० सदस्य सरिता द्विवेदी एवं श्री सतीश कुमार शर्मा द्वारा दिया गया है।
एडवोकेट दिनेश यादव ने बताया कि इस प्रकरण में किसान की 8.093 हे० कृषि भूमि ग्राम आयपा व पथाड़ा में है, बैंक द्वारा खरीफ 2019 के लिए किसान के खाते से फसल बीमा प्रीमियम राशि काटकर बीमा कंपनी को भेज दी थी, मगर निर्धारित समयावधि में केन्द्र सरकार के पोर्टल पर किसान की कृषि भूमि से संबंधित जानकारी दर्ज नहीं की, इस कारण किसान को फसल बीमा राशि नहीं मिली। जबकि दोनों गांव में सोयाबीन फसल अधिसूचित थी तथा गांव के अन्य किसानों को फसल बीमा राशि मिली है। आयोग द्वारा यह कहा गया है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अनुसार किसान से संबंधित राजस्व दस्तावेजों की जानकारी पोर्टल पर निश्चित समयावधि में दर्ज करना बैंक की जवाबदारी होती है, यदि आधार कार्ड या अन्य कोई तकनीकि त्रुटि है, जो उसे निश्चित समयावधि में ठीक जानी चाहिए। इस प्रकरण में बैंक व बीमा कंपनी द्वारा किसान की फसल बीमा प्रीमियम राशि काटने के बाद वापस कर दी गई थी। इस आदेश से किसान को बैंक द्वारा फसल बीमा राशि, मानसिक संत्रांस व वाद व्यय की राशि कुल 84290 / रू. परिवाद प्रस्तुत दिनांक से भुगतान दिवस तक 6 प्रतिशत ब्याज सहित देना होगा।

