रायपुर| स्कूल के शिक्षकों को अलग-अलग नंबर से फोन कॉल और मैसेज के जरिये जान से मारने की धमकी मिल रही थी। पहले तो शिक्षकों ने नजरअंदाज किया, लेकिन जब पानी सिर के ऊपर हो गया, तो पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस थाना में दर्ज कराई रिपोर्ट
मामले में खमतराई थाना प्रभारी विनीत दुबे ने बताया कि प्रार्थिया ने पुलिस में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा कि वह एक निजी स्कूल में पढ़ाती है। उसके मोबाइल नंबर व वाट्सएप में कुछ दिनों से अंजान मोबाइल से कॉल व मैसेज कर गाली-गलौज और मारने की धमकी दी जा रही है।
उसी स्कूल का विद्यार्थी निकला
जिस नंबर में फोन आता था, उसमें रिटर्न फोन कॉल नहीं लगता था। स्कूल में कार्यरत अन्य शिक्षकों को भी धमकी दी जा रही। इस पर अज्ञात आरोपित के पर धारा 509 ख के तहत अपराध पंजीबद्ध कर पुलिस जांच में जुट गई। इसके बाद मामले की जांच साइबर सेल को दी गई। तकनीकी टीम द्वारा उक्त नंबरों का लगातार विश्लेषण करते हुए मोबाइल नंबर के धारक की पहचान सुनिश्चित की गई।पुलिस की टीम द्वारा उक्त मोबाइल नंबर के धारक को चिह्नांकित कर पकड़ा गया। पूछताछ में अपचारी बालक ने बताया कि वह स्वयं उसी निजी स्कूल में कक्षा 10वीं में अध्ययनरत था। उसे अनुशासन में रहने और ड्रेस पहनने के लिए शिक्षकों द्वारा कहा जाता था। इसी बात का बदला लेने के लिए उसने स्कूल से पहले तो अपना नाम कटवा कर टीसी ले ली। फिर कॉल स्पूफिंग के जरिये टीचर्स को भद्दे और धमकी भरे मैसेज भेजने लगा। इससे परेशान होकर स्कूल के शिक्षकों ने खमतराई थाने में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। जिस पर पुलिस ने अपचारी बालक को गिरफ्तार किया है। अपचारी बालक को गिरफ्तार कर अग्रिम कार्रवाई की गई।

