मकड़ाई समाचार बिलासपुर। अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती अवसर पर आज अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में वर्चुअल व्याख्यान संपन्न हुआ। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक डा.मनोज सिन्हा ने व्याख्यान को संबोधित करते हुए कहा कि अटल जी ने कहा था कि ‘अखबार, शादी से ज्यादा जरूरी है।’
भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर संबोधित करते हुए डा.सिन्हा ने अटल जी का एक वाक्या याद दिलाया। जिसमें काम के प्रति अट्ट निष्ठा को प्रदर्शित करना बताया। लखनऊ में वे एक अखबार के संपादक थे। उसी दौरान कानपुर में अटलजी की बहन का विवाह समारोह था। शादी के दिन नानाजी देशमुख ने अटलजी से कहा कि आज तुम्हारी बहन की शादी है। यह सुनते ही अटल जी ने जवाब दिया। कहा अखबार, शादी से ज्यादा जरूरी है।
फिर नानाजी चुपचाप कानपुर चले गए। हालांकी बाद में दीनदयाल उपाध्याय जी को यह बात पता लगा तो वे सीधे उनके पास पहुंचकर और कंपोजिंग में जुट गए। अटल जी से कहा तुरंत कानपुर पहुंचो और बहन की शादी में शामिल हो। मुझे कुछ तर्क नहीं सुनना है। यह बात हम सभी सीखना चाहिए कि वे अपने काम के प्रति कितने निष्ठावान थे।
अटल जी की जीवन यात्रा से सीख
व्याख्यान में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व कुलपति प्रो.जीडी शर्मा शामिल हुए। उन्होनें अटल जी के व्यक्तित्व औी जीवन यात्रा पर अपनी बात रखी। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रसिद्ध साहित्यकार डा.अजय पाठक शामिल हुए। इस अवसर पर साहित्यकार सनत तिवारी, कवि राजेंद्र मौर्य एवं प्रभारी कुलसचिव डा.एचएस होता ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और स्वंयसेवक जुड़े थे।

