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टिमरनी : राधास्वामी संस्था को 17.50 लाख रुपए संपत्तिकर भरना होगा, लीज पर ली गई भूमि चल रही किराये पर

मकड़ाई समाचार टिमरनी। राधास्वामी संस्था ने नगर परिषद की ओर से लगाए संपत्ति प कर के विरोध में न्यायालय में अपील दायर की। संस्था की दलील थी कि विभिन्न संपत्तियों से मिलने वाला किराया संस्था चेरिटेबल कार्यों में उपयोग करती है। हालांकि सुनवाई के दौरान संस्था ने इसका कोई साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत नहीं किया। इसके बाद मामले में न्यायालय ने संस्था की अपील को खारिज करते हुए नगर परिषद की ओर से संपत्ति कर वसूलने को सही ठहराकर संस्था को यह शुल्क जमा करने का आदेश पारित किया।

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नगर परिषद टिमरनी की ओर से राजाबरारी स्टेट टिमरनी को उनकी सम्पत्तियों के संबंध में तथा अन्य देय निकाय करों के भुगतान में मांग पत्र जारी किए गए। इसमें राधास्वामी सत्संग सभा की ओर से स्वयं को धर्मार्थ एवं चेरिटेबल कार्य करने के उद्देश्य बताते हुए नगरपरिषद के मांग पत्र के विरुद्ध प्रथम व्यवहार न्यायालय वर्ग -1 हरदा के न्यायालय में नगरपरिषद के विरुद्ध अपील प्रस्तुत की। इसमें न्यायालय द्वारा पारित आदेश में राधास्वामी सत्संग सभा करोपित सम्पत्ति धार्मिक एवं चेरिटेबल कार्य में उपयोग करती है को सिद्ध करने में विफल रही है। नगर परिषद् की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संजय उपाध्याय ने कोर्ट को बताया कि संस्था को धर्मार्थ के नाम पर लीज पर दी गई भूमि जंगल डिपो को किराए से दी गई।

उनकी भूमि पर शोरूम और दुकान संचालित हो रहे हैं। इनसे किराया की राशि संस्था को प्राप्त हो रही है। वहीं वार्ड 1 स्थित भूमि वन विभाग को किराए से दी। उसमें क्वार्टर शॉप दुकान एवं हॉस्टल हैं। वार्ड 2 में शोरूम कार्यालय, गैरेज, मैनेजर निवास, एडवाइजर हाउस, स्टाफक्वार्टर्स, बोरेलसन ट्रेनिंग सेंटर, कुली शेड, मेस चौकीदार क्वार्टस एवं वार्ड 3 में पुराना बोर्डिंग है। वार्ड 5 में स्टाफ क्वार्टर्स हैं। इनके व्यवसायिक उपयोग करने के बाद भी संस्था संपत्ति कर की छूट चाहती है। संस्था कोर्ट में ऐसे कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाई की संपत्तियों से प्राप्त आय धार्मिक एवं चेरिटेबल कार्य के लिए उपयोग की जाती है। इसलिए न्यायालय ने संस्था की अपील को खारिज कर नगर परिषद् के पक्ष ने निर्णय सुनाया। नगर परिषद् को वर्ष 1997-98 से वर्ष 2015-16 तक की राशि लगभग 1750462 रुपए वसूली योग्य है। इसे राधास्वामी संस्था को कर के रूप में देना पड़ेगा।