डॉ गोविंद पटेल ने सरकारी डॉ के क्लीनिक निवास पर किया हंगामा ! डॉक्टरों ने पुलिस को दिया शिकायती आवेदन ! डॉ गोविंद बोले मुझे समझोते के लिए बुलाकर फंसाया गया !
हरदा। रेवा नर्सिंग होम के संचालक बीते कल जहाँ डॉ राजेश सतीजा के क्लिनिक पर पहुंचे वहीं, डॉ मनीष शर्मा के क्लिनिक पर भी पहुंचे। डॉ सतीजा के क्लिनिक पर जाने का बाकायदा वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ। इस वीडियो में इंदौर के इंडिया टीवी के तथाकथित पत्रकार का मौके पर होने का भी जिक्र हुआ।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार डॉ मनीष शर्मा के यहां पहुंचे डॉ गोविंद ने वहां जान से मारने की धमकी दी। गली गलौच की। इधर डॉ गोविंद पटेल इन आरोपों का खंडन करते हैं। उनके अनुसार मुझे संजय ढाका के माध्यम से डॉ शर्मा के यहां समझौते के लिए बुलाया गया था। फिर मुझे व ढाका जी को अंदर बन्द कर सभी डॉक्टर्स व मीडिया को इकट्ठा किया गया। पुलिस को बुलाया गया। आप चाहें तो डॉ शर्मा की कॉल डिटेल निकलवा लें। उनके कैमरे चेक करवा लें।
पुलिस को सबूत के साथ शिकायत क्यों न करते डॉ गोविंद –
यहाँ सवाल उठता है कि यदि डॉ गोविंद पटेल के पास डॉ सतीजा और डॉ मनीष शर्मा के विरुद्ध पर्याप्त पक्के सबूत है तो वे उनकी शिकायत करने थाना क्यों न पहुंचे। वे विगत दिनों फेसबुक पर पोस्ट के माध्यम से राजधानी मीडिया के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुलासा करने का कहते रहे। लेकिन कांफ्रेंस न हुई। अब डॉ पटेल के कोई पक्का सबूत डॉ मनीष शर्मा व अन्य को लेकर है या नहीं इसमे संशय है। मालूम हो पहले डॉ पटेल ने डॉ शर्मा पर सरकारी अस्पताल से इंजेक्शन चोरी करने और निजी नर्सिंग होम में इस्तेमाल करने के आरोप लगाए थे। जिस पर डॉ मनीष शर्मा ने ना कोई खंडन किया न ही कार्रवाई की।
इधर अखबार में कमीशन को लेकर विधायक संजय शाह का भी जिक्र आया।
हालांकि बीते कल डॉ मनीष शर्मा डॉ सतीजा द्वारा हरदा कोतवाली थाना में डॉ गोविंद के विरुद्ध एक शिकायती आवेदन दिया गया है।
cmho सिंह का गोल मोल रवैया –
डॉ गोविंद द्वारा cmho को फोन किये गए कि सरकारी डॉ निजी प्रैक्टिस में लगे हैं। इस मामले में cmho सिंह का रवैया भी गोलमाल नजर आया।
उन्हें संविदा पे हॉस्पिटल में कार्यरत नेत्र चिकित्सक पर बिना अनुमति निजी प्रैक्टिस करने पे आपत्ति है और तत्काल कार्रवाई करते हैं। क्लिनिक की वीडियोग्राफी करवाते हैं। लेकिन की गई कार्रवाई छुपाते हैं। सूत्रों से मिली जानकारी में नेत्र चिकित्सक का त्याग पत्र मंजूर नहीं हुआ है। और उनकी प्रैक्टिस भी जारी है।
इधर यही cmho सिंह सरकारी डॉ सतीजा और डॉ मनीष शर्मा की लंबे समय से जारी निजी प्रैक्टिस की शिकायत पर मुंह खोलने से बचते हैं। आखिर चिकित्सा विभाग में क्या तमाशा चल रहा है । भगवान जाने।
यही cmho सिंह पूर्व में कार्यरत प्रभारी cmho डॉ नागवंशी के द्वारा खुद स्वीकारे गए कथन कि माया चश्मा दुकान पर मेरे फर्जी दस्तखत का कोरोनाकाल में दुरुपयोग किया गया। इस आशय प्रमाणित खबरों पर cmho किस स्वार्थ के चलते कार्रवाई करने को टालते हैं। आश्चर्यजनक है। फर्जी लोगों द्वारा ग्रामीण इलाकों में नेत्र परीक्षण मामले में उनकी चुप्पी रहस्यमय है। इधर नेत्र चिकित्सक पर तुरंत कार्रवाई करने में उनका क्या हित था। ये अनसुलझे सवाल हैं।
क्या है शिवम वाटिका में वीडियो में हो रही बातचीत –
CMHO से बात करा दीजिये । दिल्ली से पत्रकार आ रहे है प्रेस कांफ्रेंस के लिए। सब पता है मुझे |
डॉक्टर सतीज़ा बोले आप बाहर रुकिए।
डॉक्टर गोविंद पटेल किसी से बात करते हुए बोले की डॉ के पास कोई रजिट्रे शन नही है। कोई भी
और बोल रहे है कि फोटो खींचिए। मेरे पास कोई अनुमति नही है आप इनपे कार्यवाही क्यू नही करवाते मनीष शर्मा के पास भी नही है।सर इन्होंने बोला की मेरे पे कार्यवाही करवा देना तो डोक्टर बोले कर के ही दिखाऊगा। इसी बीच इंदौर इंडिया टीवी का भी कोई तथाकथित पत्रकार वहा मौजूद था।
क्या कहना है इनका –
डॉ गोविंद ने मकड़ाई एक्सप्रेस को बताया कि ”
लंबे समय से मेरे हॉस्पिटल की जॉच के नाम पर यह लोग प्रताड़ित कर रहे है। जबकि यह दोनो डॉक्टर सरकारी है। डॉक्टर मनीष शर्मा और राजेश सतिजा जो की बिना परमिशन अपने अपने घरों में क्लीनिक खोलकर काम कर रहे है। इन दोनो के यहां में बीते कल गया था। डॉक्टर से परमिशन के संबध में चर्चा की ओर cmho सर को फोन लगाया। उसके बाद कल सुबह डॉक्टर मनीष शर्मा को सुबह मेने फोन भी किया था। लेकिन उन्होंने उठाया नही।उसके कुछ घंटों बाद संजय ढाका द्वारा मुझे मनीष शर्मा के क्लीनिक से फोन करके बैठकर समझोते के लिए बुलाया गया। हम उनके केबिन में बैठे थे। कुछ देर बाद केबिन के गेट बाहर से किसी ने बंद कर दिए। इसी बीच संजय ढाका ने मनीष शर्मा को फोन करके कहा की गेट क्यों बाहर से बंद करवाए। गेट खुलवाओ आपने समझोते के लिए बुलाया और आप तो बंधक बना रहे हो। हम दोनो ने गेट खोलने का कहा। कुछ देर बाद डॉक्टर मनीष शर्मा, डॉक्टर आर बी पटेल और कुछ पत्रकार अचानक आ गए। और उसके बाद पुलिस का वाहन भी आकर बाहर खड़ा हो गया। एक सोची समझी साजिश के तहत मुझे दबाव बनाकर झूठी शिकायत की गई है। मेने कोई अभद्रता नही की ओर नही किसी को गाली दी। मोबाइल कॉल डिटेल्स निकाली जाए। डॉक्टर के घर कैमरे की जॉच करवा सकते हो।
जबकि फोन करके समझोते के लिए मुझे बुलाया गया था। की बैठकर जो भी समस्या है उसको दूर करेगे। लेकिन उल्टे मुझपर दबाव बनाया जा रहा है।
कोई हंगामा नही हुआ, बैठकर समझोते के लिए बुलाया था।
इस संबध में संजय ढाका से उनके मोबाइल पर संपर्क किया तो उन्होंने कहा की डॉक्टर गोविंद पटेल से पहले में डॉक्टर मनीष शर्मा के घर मौजूद था। मेने ही फोन करके उन्हे डॉक्टर शर्मा के कहने पर बुलाया था। वहा कोई हंगामा नही हुआ। हमे केबिन में बिठाकर बाहर से गेट बन्द कर दिए। डॉक्टर आर बी पटेल भी मौजूद रहे।”

