– उज्जैन कलेक्टर के अनुसार फिर से बनेंगी मूर्तियां
– हरदा कलेक्टर ऋषि गर्ग ने कहा उन्हें कुछ नहीं कहना
भोपाल/हरदा – महाकाल लोक में तेज़ आंधी में ध्वस्त सप्तऋषियों की मूर्तियों की खरीदी में हरदा कलेक्टर की भूमिका की चर्चा फेसबुक पर है। आप पार्टी के आनन्द जाट ने इस आशय की पोस्ट लिखकर कलेक्टर हरदा ऋषि गर्ग को तत्समय उज्जैन नगर निगम का आयुक्त व उज्जैन स्मार्ट सिटी का कार्यपालक निदेशक बताया गया। आनन्द जाट ने फेसबुक पोस्ट पर ऋषि गर्ग पर मूर्तियों के निर्माण में हेराफेरी करने की बात पोस्ट पर लिखी।
इधर मकड़ाई एक्सप्रेस ने जब हरदा कलेक्टर ऋषि गर्ग से सप्तऋषियों की मूर्तियों की खरीदी में भ्रष्टाचार को लेकर फेसबुक पर आनन्द जाट के आरोपों से अवगत कराया तो उन्होंने कहा कि इस पर मुझे कुछ नहीं कहना है ।
क्या है मामला –
विगत दिवस महाकाल लोक में तेज़ आंधी में गिरी सप्तऋषि की मूर्तियां तेज़ आंधी न झेल पाई। मिली जानकारी में उज्जैन कलेक्टर ने फाइबर रेन्फोर्स प्लास्टिक से बनीं इन मूर्तियों की उम्र 10 साल बताई है। जानकारी के अनुसार अब इन मूर्तियों को पुनः इसी रूप में स्थापित किया जाएगा। पत्थर की मूर्तियां बनने में चूंकि वक्त लगेगा। इसलिए लाखों रुपयों की दर से खंडित मूर्तियां फिर से बनवाकर लगाई जाएंगी।
मालूम हो, इसी गति की तेज आंधी में इन मूर्तियों का भविष्य सुरक्षित नहीं है।
क्या कह रहे आप पार्टी के हरदा नेता आनन्द जाट –
“उज्जैन में सप्तऋषियों की मूर्ति के लिए 7 करोड़ रुपए का बिल लगाया और 80-80 हजार रुपए की मूर्तियां बनवाई हमारे वर्तमान हरदा कलेक्टर ऋषि गर्ग ने। जब इन मूर्तियों का निर्माण हो रहा था तब ये महोदय ही उज्जैन नगर निगम के आयुक्त थे और उज्जैन स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के कार्यपालक निर्देशक। इन्हीं की देखरेख में ये प्रोजेक्ट पूर्ण हुआ था।
ये महोदय वहां घोटालों का रिकॉर्ड तोड़ने के बाद अब हरदा में घोटालों के नए कीर्तिमान बनाने आए हैं। जब इनकी उंगली चीप जाती है तो ऐसी मीठी वाणी बोलने लगते हैं जैसे कि इनसे अच्छा आदमी कोई नहीं है। नेताओं से अच्छी सांठ गांठ रखने में एक्सपर्ट हैं। कांग्रेस नेता सज्जन वर्मा के भी प्रिय अधिकारी हैं।
हरदा में मां नर्मदा का अति से अधिक अवैध रेत खनन भी इन्हीं के निर्देशन में हो रहा है।
ग्राम कुसिया में वन विभाग की 90 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री भी कर चुके हैं। जिसके पेपर्स मेरे पास हैं।
हरदा के आज तक के सबसे भ्रष्ट कलेक्टर हैं 😏
हमारे कमलजी पटेल छांट के लाए हैं इनको, ताकि बड़ी सफाई से काले से सफेद किया जा सके।”
क्या है सोशल मीडिया में चर्चा –
अपनी फेसबुक वाल पर पंकज सोनी ने एक पोस्ट लिखी है । अवलोकन कीजिये –
“विकास की नई परिभाषा : करीब 350 करोड़ का उज्जैन का महाकाल लोक . बेमौसम बारिश नहीं झेल पाया हालांकि जो नजारा है उसे देखकर यह लगता है कि यह बात जुलाई के महीने में पता चलती लेकिन बेमौसम बारिश से कुछ जल्दी ही भेद खोल दिया. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्जैन के महाकाल लोग का उद्घाटन किया था और इसे बेजोड़ बताया था और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के ‘ इसकाम’ की भूरी भूरी प्रशंसा की थी. 7 महीने में महाकाल लोक में हुए इस भ्रष्ट और घटिया निर्माण की पोल खुल गई.
इस मामले पर उज्जैन के कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम का बयान आया है कि यह फाइबर रेनफोर्स प्लास्टिक की बनी मूर्तियां थी और अगर टूट गई है तो इसमें कुछ गंभीर बात नहीं है इनकी आयु ही 10 साल थी. अब बताइए जिस महाकाल लोक का देश के प्रधानमंत्री उद्घाटन करें मुख्यमंत्री उसके उच्च गुणवत्ता के निर्माण की वाहवाही लूटें और 7 महीने में यह नजारा दिखाई दे उसके बाद भी केवल बचाने के लिए इस तरह के गैर जिम्मेदार बयान. चलिए भगवान तो देख रहा है और जनता जनार्दन भी देख ही रही है।”
क्या कहा कलेक्टर हरदा ऋषि गर्ग ने –
मकड़ाई एक्सप्रेस ने हरदा कलेक्टर से पूछा। कलेक्टर बोले मुझे कुछ नही कहना इस संबध में
आनंद जाट द्वारा सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की गई । जिसमें उज्जैन महाकाल लोक में जो सप्तऋषियो की मूर्ति हवा आंधी में टूट कर खंडित हुई हैं । उसको लेकर आप पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। आप उस समय उज्जैन नगर निगम आयुक्त थे। साथ ही हंडिया तहसील के ग्राम कुसिया में भी 90 एकड़ वनभूमि की रजिस्ट्री के आरोप लगाए इस संबध में आपका क्या कहना है।
कलेक्टर ऋषि गर्ग बोले मैंने पोस्ट नहीं देखी। देखता हूँ। पक्ष जानने पर उन्होंने कहा मुझे कुछ नहीं बोलना ।
ऋषि गर्ग, कलेक्टर हरदा

