पीएम रिपोर्ट से खुला सीडीआरआइ अधिकारी की हत्या का राज, इंस्पेक्टर ससुर और पति समेत पांच पर मुकदमा
विजय प्रताप सिंंह का आरोप है कि सात लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर विश्वेंद्र ने बेटी को मार डाला
लखनऊ: जानकीपुरम स्थित केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (सीडीआरआइ) के आवासीय परिसर में सोमवार रात तकनीकी अधिकारी वर्षा सिंंह को गला घोंटकर मारा गया था। मंगलवार रात यह राजफाश पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ। तीन डाक्टरों के पैनल ने देर शाम वीडियोग्राफी में शव का पोस्टमार्टम किया। वर्षा के पिता विजय प्रताप सिंंह ने दामाद विश्वेंद्र सिंंह, पुलिस विभाग में तैनात उसके पिता इंस्पेक्टर राजेश कुमार सिंंह और सास समेत पांच के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में वर्षा के सिर पर चोट भी मिली है। उसके सिर पर प्रहार किया गया था।
विजय प्रताप सिंंह का आरोप है कि सात लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर विश्वेंद्र ने बेटी को मार डाला। देर रात पुलिस ने हत्यारोपित विश्वेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। विजय प्रताप सिंंह ने बताया कि वह बनारस के यूपी कालेज में सीनियर क्लर्क हैं। वह मूल रूप से मऊ जनपद के कहिनौर सराय के रहने वाले हैं।
2019 में बेटी का विवाह विश्वेंद्र सिंंह के साथ हुआ था। विश्वेंद्र सिंंह मूल रूप से बरेली के सुभाषनगर का रहने वाला है। विश्वेंद्र सिंंह के पिता राजेश सिंंह बिजनौर में क्राइम ब्रांच में इंस्पेक्टर हैं। विश्वेंद्र कई माह से कार लेने के लिए सात लाख रुपये की मांग कर रहा था।
उन्होंने बताया कि वह कार के लिए आए दिन वर्षा को मारपीटकर प्रताडि़त करता था। एक साल पहले उसने बेटी का सिर फोड़ दिया था। अक्टूबर माह में छोटी बेटी विदुषा की शादी की थी। वह असिस्टेंट प्रोफेसर है। बेटी की शादी में खर्च अधिक हुआ, इसलिए मांग पूरी नहीं कर पाए। मांग पूरी न होने पर विश्वेंद्र ने बेटी की हत्या कर दी।
एसीपी अलीगंज अली अब्बास ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में वर्षा की गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई है। विजय प्रताप सिंंह की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आरोपित पति विश्वेंद्र को देर रात गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, अन्य की तलाश जारी है। वर्षा के दो साल के बच्चे को उसके नाना के सिपुर्द कर दिया गया है। अब वही उसे अपने साथ रखेंगे।
विश्वेंद्र के परिवार के दबाव में पुलिस, थाने में बैठे रहे आरोपित पक्ष के लोग
वर्षा के पिता ने बताया कि विश्वेंद्र के पिता इंस्पेक्टर हैं। उसके चार चाचा दारोगा और एक दीवान हैं। वह जांच प्रभावित कर सकते हैं। जानकीपुरम पुलिस उनके दबाव में है। घटना के बाद विश्वेंद्र के दो चाचा, जो दारोगा हैं, वह मंगलवार को जानकीपुरम थाने में पूरे दिन बैठे रहे। इसलिए पुलिस ने पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई में काफी देर कर दी।
मौत के घाट उतारने के बाद फ्लैट से बाहर आकर चीखा, फिर पिता के कहने पर भाग निकला : सीडीआरआइ परिसर में रहने वाले लोगों ने बताया कि विश्वेंद्र वर्षा की हत्या करने के बाद देर शाम फ्लैट से चीखते हुए बाहर निकला और बोला कि उसकी पत्नी ने फांसी लगा ली है। वह पड़ोसियों से मदद की गुहार करते हुए एक की कार से वर्षा को लेकर अस्पताल गया था। अस्पताल में मौत की पुष्टि होने के बाद लौटते समय उसने रास्ते में अपने इंस्पेक्टर पिता से फोन पर बात की।
उसने पिता को घटना की जानकारी दी। पड़ोसियों ने बताया कि उसके पिता ने कहा कि वहां मत रुको और भाग जाओ। इसके बाद विश्वेंद्र परिसर में पहुंचा। कार खड़ी की। वर्षा का शव कार में ही छोड़ा। इसके बाद बहाने से निकला और फिर वर्षा की कार लेकर भाग निकला।
जिद पर वर्षा ने ही खरीदकर दी थी कार : विजय प्रताप ने बताया कि कई माह से विश्वेंद्र कार खरीदने की जिद कर रहा था। कुछ माह पहले विश्वेंद्र की जिद पर वर्षा ने उसे एक कार खरीदकर दी थी। बेटी की हत्या के बाद वह कार लेकर फरार हो गया। कार कानपुर में है। विश्वेंद्र का चचेरा भाई कानपुर में दारोगा है। वहीं पर कार खड़ी है। विजय प्रताप ने बताया कि विश्वेंद्र बेटी के एटीएम कार्ड, क्रेडिट कार्ड, पासबुक, मोबाइल फोन और कुछ अन्य दस्तावेज भी लेकर भागा था।