मकड़ाई समाचार बिलासपुर। मस्तूरी से उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर तक चलने वाली बस कंडक्टर की जेब से खलासी किराए के 56 हजार रुपये और मोबाइल लेकर भाग गया। कंडक्टर ने उसकी तलाश की तो पता चला कि युवक फर्जी नाम पता बताकर उनके साथ काम कर रहा था। कंडक्टर ने इसकी शिकायत सिरगिट्टी थाने में की है। इस पर पुलिस जुर्म दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। जांजगीर के केरा रोड में रहने वाले तुलसीदास सोनी रितिका बस में कंडक्टर का काम करते हैं।
वे तिफरा के अभिलाषा परिसर में किराए के मकान में रहते हैं। सात अक्टूबर को वे सवारी लेकर उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से सवारी लेकर मस्तूरी क्षेत्र के जोंधरा आए। इसके बाद वे तिफरा हाईटेक बस स्टेंड में बस को खड़े कर सफाई करा रहे थे। बस में ड्यूटी पर चालक खजूरा खान, अशोक और खलासी शिव थे। कंडक्टर ने सवारियों से मिले किराए की रकम 56 हजार को लोवर में रखकर बस के बर्थ में टांग दिया। इसके बाद वे बस से बाहर जाकर नहाने लगे। चालक खजूरा नहाने के लिए बाथरूम चला गया।
इस बीच खलासी शिव ने बर्थ में रखे लोवर को निकाल लिया। स्र्पये निकालकर लोवर बस के नीचे फेंककर भाग निकला। स्र्पये गायब होने पर कंडक्टर ने खलासी की तलाश की। इस बीच पूछताछ में पता चला कि खलासी ने उन्हें गलत-नाम पता बताया है। खलासी का सही नाम राजा सागर निवासी कोसमा थाना जरहागांव जिला मुंगेली है। इसकी जानकारी होने पर कंडक्टर ने सिरगिट्टी थाने में शिकायत की है। इस पर पुलिस जुर्म दर्ज कर आरोपित युवक की तलाश कर रही है।

