jhankar
ब्रेकिंग
मुख्यमंत्री मोहन यादव के हरदा आगमन पर यातायात डायवर्सन प्लान जारी हंडिया में अवैध अतिक्रमण का मामला: उपसरपंच पर ₹20 हजार लेने का आरोप, जगह हटाई लेकिन रकम वापस नहीं हु... विद्यार्थियों को दी गई कानूनी अधिकारों और बाल संरक्षण अधिनियमों की जानकारी मदिरा के अवैध विक्रय व संग्रहण के विरूद्ध 6 प्रकरण दर्ज रोजगार स्वरोजगार मेला ‘युवा संगम’ में 33 युवाओं का प्राथमिक चयन हुआ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 9 अक्टूबर को हरदा आयेंगे 9 वें पोषण पखवाड़ा का जिला स्तरीय समापन कार्यक्रम आयोजित ऑपरेशन-100 में बड़ा खुलासा, नशा तस्करी में शिक्षक से लेकर NSG कमांडो तक शामिल भिलाई केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग, 50 से ज्यादा ड्रम जले - 2 टैंकर खाक हरदा में नवजात की मौत से हड़कंप, पिता ने बघेल अस्पताल स्टाफ पर लगाए लापरवाही के आरोप।

बड़ी खबर : टाइटन पनडुब्बी में फंसे सभी 5 लोगों की मौत, टाइटैनिक का मलबा देखने गए थे, 5 दिन से थे लापता

आचार्य संदीपन ब्यूरो
 नई दिल्ली।

- Install Android App -

आज से पांच दिन पहले टाइटैनिक जहाज का मलबा देखने के लिए निकलने के बाद अचानक लापता होने वाली टाइटन पनडुब्बी में सवार सभी 5 लोगों की मौत हो गई है।इन लोगों में OceanGate के सीईओ स्टॉकटन रश, ब्रिटिश अरबपति हामिश हार्डिंग और पाकिस्तानी टाइकून शहजादा दाऊद का नाम भी शामिल है। पनडुब्बी ऑपरेट करने वाली कंपनी OceanGate ने इस बात की पुष्टि करते हुए श्रद्धांजलि व्यक्त की है। पनडुब्बी में सवार सभी लोग डूबे हुए टाइटेनिक जहाज का मलबा देखने के लिए गहरे समुद्र में गए थे, जहां इनका संपर्क टूट गया था 18 जून को OceanGate कंपनी की यह पनडुब्बी सफर पर निकली थी, लेकिन शुरुआती 2 घंटों में ही इससे संपर्क टूट गया था।
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, सर्च टीम को टाइटैनिक जहाज के पास लापता पनडुब्बी का मलबा मिला है।यूएस कोस्ट गार्ड के अनुसार, पनडुब्बी का मलबा मिलने के बाद विशेषज्ञों की टीम जांच करने में जुट गई है। बताया जा रहा है कि पनडुब्बी के मलबे की खोज एक कनाडाई जहाज में तैनात मानवरहित रोबोट ने की है।
टाइटन पनडुब्बी में सवार सभी पांच लोग जाने-माने अरबपति थे। इसमें OceanGate के सीईओ स्टॉकटन रश, शहजादा दाऊद और उनके बेटे सुलेमान दाऊद, हामिश हार्डिंग, और पॉल-हेनरी नार्जियोलेट शामिल थे।
18 जून को अमेरिकी कंपनी ओशनगेट की यह पनडुब्बी टाइटैनिक का मलबा दिखाने के लिए अपने सफर पर निकली थी. टाइटैनिक का मलबे तक पहुंचने, वहां घूमने और फिर वापस आने तक का टूर करीब आठ घंटों का रहता है।

पनडुब्बी टाइटन आखिर बर्बाद कैसे हुई?
भले ही टाइटन नाम की इस पनडुब्बी का मलबा मिलने का दावा किया जा रहा है लेकिन एक सवाल अब भी अनुत्तरित है कि पांच इंच मोटी चादर के आवरण से रक्षित इस पनडुब्बी को बिना बाहरी प्रयास के अंदर बैठे लोग नही खोल सकते थे तो फिर ये खुली कैसे ? एक संभावना और जताई जा रही है कि हो सकता है कि पनडुब्बी समुंद्र तल में पड़े डूबे हुए जहाज टाइटैनिक के मलबे में फंस चुकी थी! ऐसे में क्या पनडुब्बी में लगे कैमरे अगर बरामद हुए हैं तो क्या उनसे इस राज पर से पर्दा उठेगा? यहां एक नई चर्चा ने भी जन्म ले लिया है कि कहीं ये पनडुब्बी किसी आपसी प्रतिस्पर्धा के कारण षड्यंत्र का शिकार तो नहीं हो गई?