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महिला एवं बाल विकास विभाग में डेढ़ करोड़ रुपये का गबन

मकड़ाई समाचार भोपाल। महिला एवं बाल विकास विभाग में डेढ करोड से अधिक की रकम के गबन का मामला सामने आया है। क्राइम ब्रांच ने जांच के बाद दो लेखापाल समेत 94 खाताधारक कर्मचारियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की है। इन अधिकारी-कर्मचारियों के खाते में सांठगांठ कर दोगुना वेतन व भत्ते जमा किए गए। रकम के बारे में आरोपितों ने विभाग से इसकी जानकारी छिपा ली और राशि को अपने निजी उपयोग में खर्च किया। इस संबंध में तत्कालीन आयुक्त ने जांच की और बाद में क्राइम ब्रांच में शिकायत की थी। क्राइम ब्रांच ने जांच में पाया कि वर्ष 2015 से 2016 के बीच की यह हेराफेरी की गई है। इस मामले में जांच जारी है।

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एएसपी क्राइम ब्रांच गोपाल सिंह धाकड़ ने बताया कि धोखाधड़ी कर सरकारी पैसों के गबन के संबंध में महिला बाल विकास की ओर से लेखा इंचार्ज शहजाद खान ने करीब तीन माह पूर्व शिकायत की थी। शिकायत की जांच में पाया गया कि विभाग के सभी तरह से कर्मचारियों के खाते में इस दौरान दोगुना वेतन डाला गया। इन कर्मचारियों में परियोजना अधिकारी भी शामिल हैं। इस आधिक्‍य वेतन या पैसों के संबंध में किसी कर्मचारी ने न तो विभाग को बताया और न ही यह राशि लौटाई। विभाग की ओर से जब जांच और ऑडिट कराया गया तो धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। इस पर क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को लेखापाल काशी प्रसाद, सिराज खान समेत 94 लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की है। एएसपी क्राइम ब्रांच गोपाल धाकड़ का कहना है कि धोखाधडी की यह रकम और भी बढ़ सकती है। इस मामले में कोषालय के अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।