मुंबई। देश में कोरोना संक्रमण के बीच चौथे चरण का लॉकडाउन 31 मई को खत्म होने जा रहा है। लॉकडाउन 5.0 की संभावनाओं के बीच केंद्र सरकार राज्य सरकारों को सूबे के हालातों को देखते हुए लॉकडाउन पर निर्णय का अधिकार दे सकता है। इस बीच राज्य सरकारें भी लॉकडाउन जारी रखने या खत्म करने को लेकर विचार कर रही हैं। महाराष्ट्र कोरोना संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य है। यहां अब तक करीब 57 हजार कोरोना के मामले सामने आ चुके हैं। देश की आर्थिक राजधानी कहलाने वाले मुंबई शहर में ही अकेले 35 हजार से ज्यादा कोरोना संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। महाराष्ट्र सरकार 31 मई के बाद भी लॉकडाउन जारी रख सकती है। 1 जून से जहां राज्य में कुछ रियायतें देने पर विचार हो रहा है, वहीं मुंबई में सख्त प्रतिबंध जारी रह सकते हैं।
रियायतों पर सरकार लेगी निर्णय
उद्धव सरकार में जल संसाधन मंत्री जयंत पाटिल ने कहा कि ‘हम 29 और 30 मई को हालातों का रिव्यू करेंगे। 31 मई के बाद कुछ रियायतें देने का विचार है। यह पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए निर्देशों पर आधारित रहेगा। अगर पीएम लॉकडाउन को बढ़ाते हैं तो हम इसका पालन करेंगे।’
वहीं सूबे के आला अधिकारियों का कहना है कि बहुत कुछ केंद्र द्वारा लिए गए निर्णय पर निर्भर करेगा। सूबे के बड़े नेता जैसे एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार राज्य को धीरे-धीरे एहतियात बरतते हुए खोलने के पक्ष में हैं। वहीं सीएम उद्धव ठाकरे लॉकडाउन खुलने से कोरोना केसों में बढ़ोतरी से आशंकित हैं।
मुंबई में संक्रमित 35 हजार पार
कोरोना संक्रमण का सबसे ज्यादा कहर आर्थिक राजधानी मुंबई में हुआ है। यहां कोरोना मरीजों की संख्या 35 हजार को पार कर चुकी है। हर गुजरते दिन के साथ शहर में कोरोना मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। देश में कोरोना मरीजों की संख्या 1.65 लाख तक पहुंच गई है।
सरकार इन संभावित निर्णयों पर कर सकती है विचार
– राज्य सरकार मुंबई में जारी रख सकती है कड़े प्रतिबंध
– कंटेनमेंट जोन या सीफ इलाकों में किसी भी तरह की आवाजाही रह सकती है प्रतिबंधित
– स्कूल, कॉलेज को बंद रखने का निर्णय रह सकता है जारी
– चुनिंदा इलाकों में शॉपिग मॉल्स को खुलने की मिल सकती है इजाजत
– धार्मिक स्थानों को खोलने को लेकर सरकार ले सकती है निर्णय
– रेस्तरां और खाने-पीने के स्थानों को लेकर सरकार ले सकती है फैसला

