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रतलाम में आर्थिक तंगी से परेशान होकर फांसी लगाकर दी जान

रतलाम। औद्योगिक थाना क्षेत्र के मोहननगर में एक व्यक्ति ने आर्थिक तंगी से परेशान होकर फांसी लगाकर जान दे दी। वह प्लास्टिक फैक्टरी में काम करता था। पुलिस सूत्रों के अनुसार उसके कमरे से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें वेतन नहीं मिलने और लॉकडाउन के चलते वह आर्थिक तंगी से परेशान होकर यह कदम उठाने का उल्लेख किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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जानकारी के अनुसार 55 वर्षीय रफीक शाह पुत्र बुंदु शाह निवासी मोहननगर ने मंगलवार सुबह अपने घर में रस्सी से पंखे पर फंदा बांधा और फांसी लगा ली। कुछ देर बाद पास में ही रहने वाली उनकी बेटी यास्मीन पहुंची तो वे फंदे पर लटके मिले। शोर मचाने पर आसपास के लोग पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। एफएसएल अधिकारी डॉ. अतुल मित्तल, एएसआई कमालसिंह बामनिया आदि मौके पर पहुंचे और जांच की। इसके बाद शव उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। पुत्र वसीम शाह ने बताया कि पिता रफीक शाह जहीर भाई की प्लास्टिक फैक्टरी में काम करते थे। सुबह सात बजे मम्मी काम पर चली गई थी। वे पास में दूसरे मकान पर रहते हैं।

पिता घर पर अकेले थे, तभी उन्होंने फांसी लगा ली। फैक्टरी में काम करते समय उनके हाथ की अंगूली कट गई थी। फैक्टरी संचालक ने कुछ खर्चा दिया था और कहा था कि वह पूरे इलाज का खर्चा उठाएगा और वेतन भी देगा लेकिन तीन माह से कुछ नहीं दिया। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें लिखा है कि फैक्ट्री पर काम करने के दौरान हाथ की अंगूली कट गई थी। फैक्ट्री संचालक ने घर बैठे ही वेतन देने के लिए कहा था लेकिन उसने वेतन नहीं दिया। मकान का किराया भी चढ़ गया। कर्ज होने से वह परेशान हो गया था।