दुर्ग। रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। अब यात्री कैंसिल टिकटों का रिफंड छह महीने तक ले सकेंगे। रेलवे ने रिफंड नियम में बदलाव कर यात्रियों को बड़ी राहत दी है। कैंसिल टिकट का रिफंड 30 जून तक नहीं बल्कि यात्रा की तारीख से अगले छह महीने तक काउंटर से लिया जा सकता है।
इसके पहले रेलवे ने लॉकडाउन के दौरान रद ट्रेनों की टिकट का रिफंड 30 जून तक लौटाना तय किया था। जिसे बढ़ाकर अब छह माह कर दिया गया। यानि यात्री लॉकडाउन के पहले के टिकट को भी रद कराकर पूरा रिफंड ले सकते हैं। रिफंड में किसी भी प्रकार से कटौती नहीं की जाएगी।
0 95 लाख से अधिक हो चुका है रिफंड
रेलवे अब तक नौ हजार से अधिक यात्रियों का 95 लाख रुपये लौटा चुका है। रिफंड नियम के बदलाव के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक रेलवे के काउंटरों पर रिफंड लेने वालों की भीड़ लगातार बढ़ रही थी। इससे कोरोना से बचाव को लेकर जारी गाइडलाइन का उल्लंघन हो रहा था और शारीरिक दूरी का पालन नहीं हो पा रहा था। इधर, रेलवे ने नई टिकटों की बुकिंग के लिए एप की अनिवार्यता भी रेलवे ने तय कर रखी है। ताकि लोग अधिक से अधिक इस एप के इस्तेमाल से खुद को सुरक्षित रख सके।
इस तरह ले सकते हैं रिफंड
यात्रियों को छह माह के अंदर काउंटर पर जाकर टीडीआर (टिकट डिपॉजिट रिसिप्ट) फॉर्म भरना होगा। इसके बाद आरक्षित काउंटर में जाकर रिफंड ले सकते हैं। छह माह के अंदर किसी भी टिकट काउंटर से रिफंड लिया जा सकेगा। यात्री को पूरा किराया वापस होगा, यानी कोई कैंसिलेशन चार्ज नहीं लगेगा। यदि लॉकडाउन के बाद टिकट रद कराने पर शुल्क काटा जा चुका है तो वह भी क्लेम किया जा सकेगा। कोरोना के बढ़ते संक्रमण में रेल परिवहन सेवा में फिलहाल विस्तार के आसार नहीं है।

