jhankar
ब्रेकिंग
केंद्रीय विद्यालय हरदा के शिक्षक पर लापरवाही के आरोप, अभिभावकों ने कलेक्टर से की शिकायत जनसुनवाई में फिर पहुंचीं छात्राएं: छात्रावास की बदहाल व्यवस्थाओं के साथ अधीक्षिका पर धमकाने का आरोप,... उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला: स्टाम्प वेंडर के वारिस लौटाएंगे 2.87 लाख रुपये, समय पर भुगतान नहीं करने... सतवास में विशाल बैलगाड़ी दौड़ प्रतियोगिता सम्पन्न, रवि मातवा (देवास) की बैलजोड़ी रही प्रथम राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में हरदा में कांग्रेस का प्रदर्शन, पीएम मोदी का पुतला दहन कर कलेक्... बेटी की तस्वीर और श्रद्धांजलि पोस्टर लेकर पहुंचे माता-पिता, स्कूल प्रबंधन व वाहन चालक पर कार्रवाई की... स्कूल व आंगनवाड़ी केन्द्र में विधिक साक्षरता व जागरूकता कार्यक्रम सम्पन्न आईटीआई में एनसीवीटी पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु तृतीय चरण प्रारम्भ मध्यप्रदेश पर्यटन क्विज-2026 के लिए ऑनलाइन पंजीयन 25 जुलाई 2026 तक कलेक्टर ने जनसुनवाई में सुनी नागरिकों की समस्याएं

लाखों का भ्रष्टाचार कार्यपालन यंत्री ओपी उईके के कार्यकाल में हुए , प्रशासन ने नही की कार्यवाही,अब हो गए रिटायर्ड 

पवन प्रजापत मनावर। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा चलाई गई ओंकारेश्वर परियोजना में करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार के बाद हमेशा से उजागर होती रही है। शुक्रवार 29 मार्च को मनावर में कार्यपालन यंत्री ओपी उईके नर्मदा विकास प्राधिकरण संभाग क्र 30

मे 2013 से निरतंर सेवाएं देते आए। जिनके कार्यकाल में मनावर के कार्यकाल में लाखों का भस्टाचार हुए। उइके 31 मार्च को रिटायर्ड हो रहे थे। मगर शासकीय छुट्टियां होने के कारण कार्यालय के अधिकारी कर्मचारियों ने 29 मार्च को रिटायरमेंट कार्यक्रम रख लिया। रिटायर्ड होने के पश्चात उइके की अपने कार्यकाल में नर्मदा विकास प्राधिकरण संभाग क्र 30 मनावर में ओमकारेश्वर परियोजना नहर चरण क्र 3 में किए गए लाखो रुपयों के भ्रष्टाचार की कार्यवाही अधुरी रह गयी। जो की कार्यपालन यंत्री ओपी उईके की मनावर में नर्मदा विकास संभाग क्र 30 उपलब्धिया मानी जा रही है। उनके कार्यकाल मे हुए भ्रष्टाचार में नर्मदा ओमकारेश्वर परियोजना की नहर चरण क्र 03 की उपलब्धिया इस प्रकार की रही है।

- Install Android App -

1, ओमकारेश्वर परियोजना चरण क्र 03 मायनर नहरो को सर्वे अनुसार नहीं निकाली गई एवं जिन किसानों की कृषि जमीनो को मुआवजा दिया वहा आज भी नहरे नहीं निकली गई है ओर शासकीय भूमीयो पर बिना अवार्ड पारित किये हुए नहर निकाली गई। यह भी उपलब्धि कार्यपालन यंत्री ओपी उइके के कार्यकाल में उनके कार्य क्षेत्र की रही है।

नहर चरण क्रमांक 03 में मायनर नहरें डी 14 एवं डी 67 पर कहीं जगह कच्ची नहरे आज भी अधूरी पड़ी हुई है ओर सारी राशि निकालकर ज़िम्मेदारों के द्वारा गबन कर ली और जिसके कारण किसानों को पानी आज तक नहीं मिल पाया है। इनके कार्यकाल में जल उपभोक्ता संस्थाओ द्वारा करोड़ों के कार्य किसानो के खेतों में नालिया बनाकर निर्माण किया गया। लेकिन नालियां के निर्माण मे भारी भ्रष्टाचार होने के कारण किसानों को पानी नहीं मिल रहा।

जो जगह-जगह नहर बनाते ही टूट फूट हो गई। यह भी उपलब्धि है इनके कार्यकाल में जमीनों पर नहरे नही निकलने के बाद भी पूरक अवार्ड लाखों के स्वीकृत हो गये यह भी उपलब्धि है। इस प्रकार यदि नर्मदा विकास प्राधिकरण संभाग क्र 30 के कार्यपालन यंत्री ओपी उइके के कार्यकाल की उचित जांच होगी तो करोड़ो रूपये का भस्टाचार उजागर होगा। ऐसे अधिकारी का आज अपनी नोकरी से शासन प्रशासन से विदाई ले रहे है। जो अपने कार्यकाल के दौरान शासन को कितना लाभ पहुंचाया आप खुद देख सकते है।