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70 लोगों से 22 लाख रुपये जमा कराने के बाद चिटफंड कंपनी गायब

मकड़ाई समाचार भोपाल। हबीबगंज इलाके में एक चिटफंड कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। लोगों से पैसा जमा कराने के बाद चिटफंड कंपनी के संचालक ऑफिस में ताला लगाकर फरार हो गए। हबीबगंज थाने के एसआइ मनोज यादव ने बताया कि पहली एफआइआर दो बहनों कमला राजपूत और किरण राजपूत की शिकायत पर दर्ज की गई है। वर्ष 2013 में उन्होंने लखनऊ निवासी प्रदीप सिंह और प्रदीप वर्मा की कंपनी रियल विजन इंफ्राटेक में निवेश किया था। लखनऊ की इस कंपनी का दफ्तर भोपाल में 11 नंबर स्टॉप पर था।

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इसके संचालकों ने दावा किया था कि रियल एस्टेट में निवेश कराने वाली उनकी ये कंपनी पांच साल में रकम दोगुनी कर देगी। भरोसे में आकर करीब 70 लोगों ने 22 लाख रुपये का निवेश कर दिया। वर्ष 2018 में जब पैसा वापस लेने का समय हुआ तो लोग कंपनी के दफ्तर पहुंचे। यहां पता चला कि डायरेक्टर प्रदीप सिंह और एजीएम प्रदीप वर्मा दफ्तर में ताला लगाकर गायब हो गए हैं। काफी तलाश के बाद भी दोनों नहीं मिले तो लोगों ने इसकी शिकायत पुलिस से की।
ऐसी ही करतूत आधार इंफ्राविजन कंपनी के संचालक दीपक त्रिपाठी और जोगेंद्र सिंह ने भी की। इस कंपनी का दफ्तर ई-6 अरेरा कॉलोनी में था। वर्ष 2014 में रियल एस्टेट में निवेश कराने के नाम पर जालसाजों ने करीब 60-70 लोगों से 20 लाख रुपये जमा करवा लिए। पांच साल पूरे होने पर दोनों जालसाज दफ्तर में ताला लगाकर फरार हो गए। आरसी मिश्रा समेत अन्य लोगों की शिकायत पर हबीबगंज पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।