मकड़ाई समाचार रीवा। संजय गांधी अस्पताल में बीती रात 80 वर्षीय वृद्ध की मौत पर स्वजन के द्वारा जमकर हंगामा किया गया। मृतक के शव को गेट पर रखकर घंटों लोगों की आवाजाही रोका गया। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस की टीम में दोनों ही पक्षों को शांत कराया तथा बाद में मृतक के स्वजन डेड बॉडी लेकर अस्पताल से चले गए। बताया जा रहा है कि हंगामे के दौरान अस्पताल के स्टाफ नर्सों तथा स्वजनों के बीच आपसी झूमाझटकी भी हुई है जिसका वीडियो सामने आने के बाद अपर कलेक्टर ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही के किस्से आए दिन सामने आते रहते हैं जिसकी वजह से मरीजों की मौत तक हो जाती है। परंतु अस्पताल प्रबंधन की इस लापरवाही पर नकेल कसने प्रशासनिक अमले के द्वारा किसी भी प्रकार के ठोस उपाय नहीं किए जा रहे हैं। जिसकी वजह से डॉक्टरों की लापरवाही के चलते मौतों का सिलसिला लगातार बढ़ता ही जा रहा है। ताजा मामला सामने आया है 80 वर्षीय वृद्ध की मौत का जिसमें मृतक के स्वजनों ने अस्पताल में तैनात डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।
परिजनों का कहना है कि डॉक्टर के द्वारा सही समय पर इलाज नहीं किया गया जिसकी वजह से वृद्ध की मौत हो गई है। वहीं परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा है कि अस्पताल मात्र जूनियर डॉक्टरों के भरोसे पर चल रहा है जिसकी वजह से लोगों को उचित इलाज नहीं मिल पाता है।
क्या था मामला: बताया गया है कि 90 वर्षीय मोतीलाल अग्निहोत्री पुत्र नागेश्वर प्रसाद अग्निनोत्री निवासी रायपुर कर्चुलियान को इलाज के लिए संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां पर उनकी समय पर उपचार न मिलने के कारण मौत हो गई उक्त आरोप उनके नाती अजय तिवारी द्वारा लगा गया है।
अस्पताल के मामले में डॉक्टर सही मृतक के स्वजनों को समझाएं दी गई है साथ ही उनके द्वारा झूमर झटके की गई है जिसका कुछ वीडियो सामने आ रहा है जांच के बाद कार्रवाई के निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
शैलेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर