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पटना में तेज आंधी बारिश से 9 की मौत, सैकड़ों पेड़ गिरे, 20 जिलों में अलर्ट जारी

नई दिल्ली। बिहार में पिछले 10 दिनों से तेज आंधी और बारिश का दौर जारी है। शुक्रवार को पटना में 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी और भारी बारिश ने तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा में पेड़ गिरने और ठनका गिरने से राज्यभर में 9 लोगों की मौत हो गई। इनमें सबसे अधिक 4 मौतें पटना में हुईं। 30 मिनट की बारिश और तूफान ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। पटना में 200 से ज्यादा जबकि जिलेभर में 600 से ज्यादा पेड़ गिर गए। तेज आंधी के कारण 50 से ज्यादा वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। सड़कों पर पेड़ और होर्डिंग गिरने से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।

हालात ऐसे थे कि दो किलोमीटर की दूरी तय करने में लोगों को डेढ़ घंटे का समय लगा। देर रात तक शहर के कई इलाकों में जाम की स्थिति बनी रही। जाम में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी फंस गए, जिसके बाद उन्हें कार छोड़कर बाइक से जाना पड़ा। मौसम विभाग ने शनिवार को पटना समेत 20 जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई है।

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मौसम विभाग के मुताबिक 11 मई तक राज्य में आंधी-बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इसके बाद मौसम सामान्य होने की संभावना है। चिड़ियाघर में आंधी-पानी के दौरान 30 से अधिक पेड़ गिरे हैं। इस वजह से शनिवार को पटना जू में विजिटर्स के लिए बंद किया गया है। 52 साल में पहली बार आंधी-बारिश के बाद पटना जू बंद कर दिया गया है। रविवार से विजिटर्स सैर कर सकेंगे। उधर बापू टावर को तीन दिनों के लिए आम दर्शकों के लिए बंद कर दिया गया है। आंधी की वजह से परिसर में पेड़ गिर गए हैं। टावर के बाहरी हिस्से को भी नुकसान पहुंचा है। विधान परिषद सभापति के सर्कुलर रोड स्थित आवास के सामने पेड़ गिर गया। स्टैंड रोड स्थित जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के आवास पर पेड़ गिरने से कार दब गई। मंत्रियों के आवास वाले इलाके में पेड़ों के गिरने से आवागमन ठप हो गया। कदमकुआं में एमएलसी विनोद जायसवाल के घर के सामने पेड़ और बिजली का पोल कार और ऑटो पर गिर गया। इससे इलाके में बिजली गुल हो गई। आर ब्लॉक फ्लाईओवर पर होर्डिंग गिर गई, इससे बिजली का पोल टूटने के साथ आवागमन ठप हो गया। राजद कार्यालय पर भी पेड़ गिर गया।

तूफान और भारी बारिश की वजह से कोलकाता से पटना आने वाली इंडिगो की फ्लाइट लखनऊ डायवर्ट हो गई। मौसम ठीक नहीं रहने से विमान नालंदा और शेखपुरा चला गया। फिर लखनऊ डायवर्ट कर दिया गया। एयरपोर्ट पर आम का पेड़ गिर गया, हालांकि इससे कोई नुकसान नहीं हुआ। एयरपोर्ट परिसर और आसपास में लगी होर्डिंग्स गिर गई। इधर, पटना जंक्शन पर प्लेटफॉर्म 2 पर लगा लोहे का शेड उखड़कर खड़ी इंटरसिटी एक्सप्रेस के कोच पर जा गिरा। उस वक्त कोच के पास यात्रियों की संख्या कम थी। एफओबी के दोनों साइड लगी लोहे की जाली भी उखड़ गई। करीब पौन घंटे तक ट्रेनों का आवागमन प्रभावित रहा। एनाउंसमेंट सिस्टम तकनीकी खराबी के कारण पूरी तरह ठप हो गया। यात्री भटकते रहे। प्लेटफॉर्म पर हर जगह बारिश का पानी टपकता रहा।

पिछले 24 घंटे के दौरान बिहार में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में सामान्य से 197 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। सबसे ज्यादा बारिश किशनगंज के ठाकुरगंज में 54.4 एमएम दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक 10 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसका असर बिहार समेत पूर्वी भारत के कई राज्यों में देखने को मिलेगा। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के बाद वातावरण में नमी बढ़ेगी और बंगाल की खाड़ी से आने वाली हवा मौसम को और अस्थिर करेगी। इसकी वजह से बिहार के कई हिस्सों में तेज बारिश, बादल गरजने और आंधी चलने की संभावना बढ़ जाएगी। खासकर उत्तर-पूर्व और दक्षिण-मध्य बिहार के जिलों में मौसम तेजी से बदल सकता है। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो इस सिस्टम की वजह से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।