सारंगपुर। पुरे मध्य प्रदेश की तरह सारंगपुर ब्लाक में पदस्थ सरकारी स्कूल के शिक्षक ‘हमारे शिक्षक ऐप के जरिए ई-अटेंडेंस लगा रहे हैं, और जो शिक्षक ऐसा नहीं कर रहे हैं, उनके वेतन कटने की संभावना है, हालाँकि अतिथि शिक्षकों की तरह उनके लिए अभी तक नियम अनिवार्य नहीं किया गया है, इस पर शिक्षक संघों ने विरोध भी दर्ज कराया था लेकिन सारंगपुर ब्लाक में अब नियमित शिक्षकों के साथ-साथ अतिथि शिक्षक भी ई अटेंडेंस लगाने में काफी आगे है। ब्लाक के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले नियमित, अतिथि शिक्षकों को ई अटेंडेंस एप से हाजिरी लगाना अनिवार्य है, परिणाम स्वरूप नियमित शिक्षकों की हाजिरी सारंगपुर में लगभग 90 फीसदी तक पहुंच गई है जबकि 88.92 फीसदी अतिथि शिक्षक एप पर हाजिरी लगा रहे हैं। इसे लेकर सारंगपुर बीईओ सुरेश विरमाल ने भी सख्ती दिखाना शुरू कर दी है और ई अटेंडेंस न लगाने वाले शिक्षकों को पत्र जारी किए हैं। दरअसल ब्लाक में 1106 नियमित शिक्षक शिक्षिकाएं हैं। शनिवार को 945 ने हाजिरी लगाई। कुछ शिक्षक ट्रेनिंग पर गए थे तो कुछ ने छुट्टी ली थी। बीईओ ने बताया कि अभी भी लगभग 100 शिक्षक ई अटेंडेंस नहीं लगा रहे है, जल्द उन्हें भी यह ई अटेंडेंस से ही अपनी उपस्थिति दर्ज कराई होगी। इसी तरह सरकारी स्कूलों 334 अतिथि शिक्षक पढ़ा रहे हैं। जिनमें से शनिवार को 297 ने ई अटेंडेंस लगाई और आंकड़ा 88.92 तक रहा।
शिक्षक ई-अटेंडेंस के लाभ- सरकारी स्कूलों में पदस्थ शिक्षको ई-अटेंडेंस के कई लाभ हैं, जिनमें पारदर्शिता और जवाबदेही बढना, शिक्षकों के वेतन और अन्य वित्तीय लाभों का आसान प्रबंधन, आनलाइन अवकाश स्वीकृति और रिकॉर्ड रखना, प्रशिक्षण और अन्य गतिविधियों की ट्रैकिंग, तथा स्कूल प्रशासन की कार्यकुशलता में सुधार शामिल है। यह प्रणाली शिक्षकों की मनमानी पर लगाम लगाने और शैक्षणिक संस्थानों में बेहतर अनुशासन स्थापित करने में मदद करती है। इसलिए सख्ती के साथ शिक्षा विभाग के अधिकारियों के द्वारा सरकार के नियमानुसार यह पालन कराया जा रहा है, ताकि शिक्षा व्यवस्था में सुधार हो सके।

