हंडिया नर्मदा घाट पर पसरी गंदगी, ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव बने मूकदर्शक
मकड़ाई समाचार हंडिया। नर्मदा किनारे भगवान रिद्धनाथ महादेव की पवित्र नगरी हंडिया पौराणिक काल से बहुत महत्व रखती हैं। जहां दूर दराज के सैंकड़ो श्रद्धालु आस्था की डुबकियां लगाने तिथि त्यौहार पर आते हैं। वही प्रतिदिन परिक्रमा वासियों का आना जाना लगा रहता है। मां नर्मदा में माह में दो बार अमावस्या और पूर्णिमा पर तो श्रद्धालुओ की हजारों लाखों की भीड़ होती है। सामान्य दिनों में भी लोग कई शहरों राज्यों से आते है।हंडिया ज्यादा बड़ा ग्राम नही है। इसकी जनसंख्या भी कम ही है। तहसील मुख्यालय पंचायत मुख्यालय सहित कई विभाग यहा पर है। जिले के वरिष्ठ विभागीय अधिकारी मंत्री भी यहां अक्सर आते जाते रहते है लेकिन इसके बावजूद यहां पर विकास के कार्य नही हो पा रहे है। इस छोटे से ग्राम के अंदर आप देखेंगे तो कई जगहों पर कच्चे रोड है, साफ सफाई बिलकुल नही के बराबर होती है।
हम बात करते है। ग्राम के पुराने घाट की जहां आज भी श्रद्धालु स्नान करने के लिए आते है।इस घाट पर ग्राम पंचायत द्वारा ध्यान न दिए जाने से गंदगी फैल रही है। ग्राम पंचायत और तहसील के कर्मचारी व जिम्मेदार पदाधिकारी भी यहां से अक्सर निकलते है तो उन्हे भी यह गंदगी दिखाई क्यूं नही दे रही है। ग्राम पंचायत केे सरपंच सचिव की अपनी जिम्मेदारी है कि ग्राम की स्वच्छता का पूरा ध्यान रखें बावजूद इसके इस ओर ध्यान नही दिया जा रहा है। आज यहां गुजरने वाले लोगो को इस गंदगी का सामना करना पड़ता है।सड़क पर बह रहा निस्तार का गंदा पानी स्नान किए श्रद्धालु को दोबारा नहाने को मजबूर करता है। निस्तार का पानी नर्मदा जी मेे मिलने से नर्मदा का जल भी प्रदुषित होगा। जिससे बिमारी फैलेगी तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। एक स्थान पर नर्मदा जी का पानी प्रदुषित होता है ंतो वही प्रदुषित पानी अन्य स्थान के पानी में मिलता जायेगा और बिमार होेने वाली लोगो का हम अंदाजा नही लगा सकते हैं वर्तमान में गंदगी या अस्वच्छता के कारण डेंगू और मलेरिया जैसी संक्रमक बिमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है।

