jhankar
ब्रेकिंग
झुंझुनूं में बड़ा हादसा- हाईटेंशन लाइन से टकराई मिक्सर मशीन आज मध्य प्रदेश में चक्रवात मुरासु का असर हरदा नगर पालिका पटाखा दुकानों की नीलामी और टैक्स ऑफलाइन ही लेगी, 500 रुपये पेनल्टी का व्यापारियों ने... शराब कारोबार पर कांग्रेस नेता के बदले सुर! पहले किया किनारा, अब 30% कमीशन की बात ने मचाई हलचल हरदा में सराफा बाजार में हड़कंप, इंदौर पुलिस व्यापारी को पूछताछ के लिए ले गई घरेलू विवाद के बाद अतिथि शिक्षक ने खाया जहरीला पदार्थ, अस्पताल पहुंचने से पहले मौत; परिवार में पसरा ... अवैध शराब तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा, टिमरनी से गुजरात भेजी जा रही थी खेप कृषि उपज मंडी हरदा में 6 से 11 नवम्बर तक बंद रहेगी नीलामी जिले में नरवाई जलाने पर प्रतिबंध : उल्लंघन पर 2500 से 15 हजार रूपये तक लगेगा जुर्माना हरदा जिले में लगेंगी किसान चौपालें, एक ही स्थान पर मिलेगी सरकारी योजनाओं की जानकारी

लोकायुक्त की कार्यवाही : जिला बाल संरक्षण अधिकारी, एवं न्यायपीठ बाल कल्याण समिति, दो कर्मचारी रिश्वत लेते धाराएं, मांगी थी 36 हजार की रिश्वत

आवेदक अमन राठौर की शिकायत पर आरोपी मनोज कुमार दिवाकर सामाजिक, संजय जगताप डाटा एंट्री ऑपरेटर ₹36000की रिश्वत लेते गिरफ्तार –

- Install Android App -

खंडवा : मध्य प्रदेश में लोकसभा चुनाव के चलते आदर्श आचार संहिता लगी हुई है। इसके बाद भी प्रदेश में रिश्वतखोरी के कई मामले सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में खंडवा में लोकायुक्त इंदौर ने एक्शन लेते हुए 2 कर्मचारियों को 36 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है।
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त ने उसकी सत्यता की जांच की। मामला सही पाए जाने के बाद एसपी लोकायुक्त संगठन इंदौर के मार्गदर्शन में टीम बनाई गई। कार्रवाई की गई प्राप्त जानकारी के अनुसार ,
महिला एवं बाल विकास विभाग कार्यालय, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, एवं न्यायपीठ बाल कल्याण समिति, खण्डवा मैं लोकायुक्त पुलिस का छापा लगा जिसमें दो संविदा कर्मचारियों को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है लोकायुक्त डीएसपी मिश्रा जी ने बताया कि मनोज दिबाकर और संजय जगताप , महिला और बाल विकास विभाग रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त ने पकड़ा । 36000 रूपये रिश्वत लेते हुए पकड़े गए ।

क्या था मामला –

आवेदक के अनुसार अगस्त 2023 में उसके द्वारा मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के तहत आवेदन पत्र महिला एवम् बाल विकास विभाग कार्यालय खंडवा में दिया गया था ।

आवेदक के पिता की मृत्यु होने से आवेदक एवं उसकी बहन के नाम से आवेदन कार्यालय द्वारा स्वीकृत किया गया था जिसमें प्रत्येक माह ₹4000 की राशि दोनों बच्चों की शिक्षा हेतु प्रथक प्रथक स्वीकृत की गई थी । इस योजना के तहत कोरोना महामारी में अथवा अन्य कारण से मां-पिता को खो चुके 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को सरकार की ओर से हर महीने एक निश्चित राशि दी जाती है । 7 माह के हिसाब से 56000 रु कार्यालय द्वारा आवेदक के खाते में अंतरित किये गए जिसमें से ₹36000 की कार्यालय में सामाजिक कार्यकर्ता के पद पर पदस्थ मनोज दिवाकर एवं कंप्यूटर ऑपरेटर संजय जगताप द्वारा इस कार्य को करने और भविष्य में भी ये राशि मिलती रहे इसके एवज़ में मांग की गई तथा पेमेंट नहीं देने पर योजना का लाभ आगे नहीं दिए जाने का कहा गया जिसकी शिकायत आवेदक द्वारा पुलिस अधीक्षक ,लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में की गई। जिसका सत्यापन कराया गया जिसमें बातचीत के दौरान आरोपीगण द्वारा 36000 रुपये लेना तय किया।आवेदन पत्र के सत्यापन एवं आरोपियों से हुई बातचीत के आधार पर आरोपी मनोज दिवाकर एवं संजय जगताप के विरुद्ध धारा 7 भ्रनिअ एवं धारा 120b IPC का प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया एवम् आज आरोपी मनोज दिवाकर को 36,000 रू की राशि लेने पर ट्रैप किया गया है |

______________

यह भी पढ़े –