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बड़ी खबर म.प्र. : पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह के खिलाफ जमानती वारंट, जाने क्या है मामला

मकड़ाई एक्सप्रेस 24 जबलपुर : कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा ने एमपीएमएलए कोर्ट जबलपुर में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह के खिलाफ 10 करोड़ की मानहानि का परिवाद दायर किया था।शिकायत में कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट ने जब चुनाव के दौरान ओबीसी आरक्षण पर रोक लगा दी थी तो भाजपा नेताओ ने इसे गलत तरीके से पेश कर ओबीसी आरक्षण पर रोक का ठीकरा उनके सिर पर फोड़ दिया।

कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रदेशाध्यक्ष मंत्री को जारी वारंट –

एमपीएमएलए स्पेशल कोर्ट में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा, पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान व पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह के विरुद्ध जमानती वारंट जारी किया गया है। सात जून तक की हाजिरी माफी की मोहलत को घटाकर अब 7 मई तक कर दिया गया है। सुनवाई के दौरान पूर्व सीएम शिवराज, वीडी शर्मा व पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह की ओर से अधिवक्ता श्याम विश्वकर्मा, जीएस ठाकुर, सुधीर नायक व उमेश पांडे ने पक्ष रखा।

यह है मामला – 

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उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा ने एमपीएमएलए कोर्ट जबलपुर में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह के खिलाफ 10 करोड़ की मानहानि का परिवाद दायर किया था। परिवाद में कहा गया था कि सुप्रीम कोर्ट में ओबीसी आरक्षण से संबंधित उन्होंने कोई बात नहीं कही थी। 

भाजपा नेताओं ने साजिश कर गलत ढंग से पेश किया –

विवेक कृष्ण  तन्खा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव में ओबीसी आरक्षण पर रोक लगा दी तो भाजपा नेताओं ने साजिश करते हुए इसे गलत ढंग से पेश किया। पूर्व सीएम शिवराज, वीडी शर्मा और पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने गलत बयान देकर ओबीसी आरक्षण पर रोक का ठीकरा उनके सिर पर फोड़ दिया। जिससे उनकी छवि धूमिल करके आपराधिक मानहानि की है। एमपी एमएलए विशेष कोर्ट ने 20 जनवरी को तीनों के विरुद्ध मानहानि का प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए थे।

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