मकडा़ई एक्सप्रेस 24 नई दिल्ली।
जलवायु एक्टिविस्ट और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिन लंबे अनशन के बाद आखिरकार अपना अनशन तोड़ दिया। उन्होंने गुरुवार आधी रात X पर पोस्ट करके इसकी जानकारी दी।
सोनम वांगचुक दिल्ली के जंतर-मंतर पर लद्दाख से जुड़ी मांगों को लेकर अनशन पर बैठे थे। उनकी मुख्य मांगें थीं:
* लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाए
* संविधान की 6ठी अनुसूची लद्दाख में लागू की जाए
* लद्दाख के लोगों के अधिकारों और जमीन की सुरक्षा को लेकर ठोस कानून बने
वांगचुक पिछले 26 दिनों से सिर्फ पानी पर थे और उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही थी।
PM मोदी ने दी तुरंत प्रतिक्रिया
अनशन टूटने के कुछ देर बाद ही प्रधानमंत्री *नरेंद्र मोदी* ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी।
PM Modi ने लिखा, _”सोनम वांगचुक जी के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। आप जल्द अपना पुराना वजन और ऊर्जा प्राप्त करें। देश को आपके विचारों और लद्दाख के लिए आपके जज्बे की जरूरत है। हम संवाद के जरिए सभी मुद्दों का समाधान निकालेंगे।”_
सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी रात में ही वांगचुक की टीम से बातचीत की जिसके बाद उन्होंने अनशन समाप्त करने का फैसला लिया।
रात 12:40 बजे सोनम वांगचुक ने नींबू पानी पीकर अपना 26 दिन का अनशन खत्म किया। उनके समर्थक और डॉक्टर मौके पर मौजूद थे।
डॉक्टरों ने कहा है कि अब उन्हें कुछ दिन आराम और डाइट पर रहना होगा ताकि उनका वजन और सेहत फिर से सामान्य हो सके।
वांगचुक ने पोस्ट में कहा कि सरकार से बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है इसलिए उन्होंने फिलहाल अनशन स्थगित किया है।

