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‘MP अजब गजब’ मृतक पंचायत सचिव को लोकसभा चुनाव में जिम्मेदारी सौंपी, सचिव की 4 माह पहले हो चुकी मौत

लोकसभा चुनाव को लेकर अधिकारियों पर काम का दबाब अधिक है। इस कारण कई ऐसे निर्णय ले लिया जाते हैं जो बाद में गले की हड्डी बन जाते है।ऐसे ही एक मामला जबलपुर में आया जहां लोकसभा चुनाव के दौरान मतदान कर्मियों के बस से मतदान केंद्र तक ले जाने के लिए रोजगार सहायक सचिव को जिम्मेदारी सौंपी जबकि उसकी मौत 4 माह पहले हो चुकी है।

 

मकड़ाई एक्सप्रेस 24 जबलपुर : म.प्र. की संस्कारधानी में प्रशासन की अजीब लापरवाही उजागर हो रही है। आने वाले लोकसभा चुनाव 2024 के लिए प्रशासन द्वारा अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को जबाबदारियां सौंपी जा रही है।प्रशासनिक अमले पर कार्य का दबाब इतना देखिए कि उन्हे समझ ही नही आ रहा है कि किस व्यक्ति को क्या जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। जिले के पनागर जनपद में एक मामला सामने आया है। जहां 4 माह पूर्व मृत हुए रोजगार सचिव की चुनाव में बस सेवा में डयूटी लगा दी। इसके साथ ही जिम्मेदार अधिकारियों ने बस में उक्त सहायक सचिव का नाम नंबर भी चस्पा कर दिया हैं मतदान के दौरान डयूटी करने वाले कर्मियों को बताया गया है कि अगर किसी प्रकार की परेशानी आती बस में आने जाने में उक्त रोजगार सहायक सचिव को फोन लगाया जा सकता है।
मामला कुछ इस प्रकार है कि पनागर जनपद के मतदान केंद्र 4,5,16,14,15 में मतदान कर्मियों बस से पहुंचाने के लिए बस नंबर 1 में डयूटी रोजगार सहायक सचिव प्रयाग कुर्मी को दी गई। जबकि प्रयाग की मौत 4 माह पहले हो गई।मामले का पता तब चला जब जिम्मेदारी की सूचना का पत्र मृतक के घर पहुंचा परिजनों संबधित अधिकारियों को जानकारी दी थी कि सचिव की मौत हो चुकी हैं बावजूद इसके उसे बस सेवा की डयूटी से अलग नही किया गया।

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