रतलाम में लोकायुक्त ने क्लर्क को रंगे हाथ दबोचा! जमीन के नामांतरण के लिए क्लर्क ने मांगी थी 15000 रूपये की रिश्वत
नायब तहसीलदार कार्यालय के क्लर्क को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया है।
मकड़ाई एक्सप्रेस 24 रतलाम। विगत माह से लगातार प्रदेश के महत्वपूर्ण शहरो से भ्रष्टाचार के मामले लोकायुक्त ने मामले पकड़े है।
लोकायुक्त उज्जैन के दल ने
क्या था पूरा मामला
जिले के नामली नगर स्थित नायब तहसीलदार कार्यालय में कार्यरत क्लर्क आरोपी प्रकाश पलासिया को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत की गई है।जांच टीम ने आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फरियादी ने की लोकायुक्त से शिकायत
फरियादी गणपत हाड़ा ने अपनी जमीन के नामांतरण को लेकर नायब तहसीलदार कार्यालय के क्लर्क प्रकाश पलासिया से संपर्क किया था। इसके बाद
गणपत को यह जानकारी मिली कि उनके जमीन के नामांतरण के लिए जितेंद्र जाट ने आवेदन दिया है, जबकि दोनों के बीच विवाद चल रहा था। गणपत ने पहले शिकायत की थी कि जितेंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज है, जो न्यायालय में चल रहा है। प्रकाश पलासिया ने गणपत से कहा कि वह जितेंद्र से अधिक रुपये देंगे, तो वह जितेंद्र के आवेदन को निरस्त कर देगा।
लोकायुक्त टीम ने योजना बनाई
इसकी शिकायत गणपत ने लोकायुक्त से की। शुरुआत में गणपत ने 5000 रुपये दिए थे और बाकी रुपये बाद में देने की बात की थी। लोकायुक्त फरियादी की शिकायत की पुष्टि करने के लिए गणपत को जितेंद्र के पास भेजा गया। गणपत ने जितेंद्र से बातचीत की और 15 हजार रुपये की व्यवस्था की।गणपत ने जब कार्यालय में जाकर क्लर्क को 15 हजार रुपये दिए, तब लोकायुक्त दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को रंगेहाथ पकड़ लिया।
इससे पहले आरोपी ने रिश्वत के पैसों को ले लिया था, लेकिन लोकायुक्त के निरीक्षक दीपक शेजवार के नेतृत्व में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। संबंधित अधिकारी के खिलाफ अब भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत जांच जारी है। इसे लेकर लोगों में उम्मीद जताई जा रही है कि सरकारी कार्यों में पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।

