कृषि उपज मंडी में धरना: हरदा किसान कांग्रेस ने 7 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन !
हरदा। स्थानीय कृषि उपज मंडी में जिला किसान कांग्रेस ने धरना प्रदर्शन कर किसानो की जायज मांगों को प्रशासन के सामने रखा। शुकवार को किसान कांग्रेस हरदा के बैनर तले कांग्रेस के किसान नेता कृषि उपज मंडी पहुंचे।। जहा धरना प्रदर्शन किया। किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन विश्नोई ने कहा कि डबल इंजिन की सरकार में आज भी किसान परेशान है। न तो किसान को खाद समय पर मिल रहा। दो दो दिनों तक लाइन में खड़ा होकर नंबर आने का इंतजार हरदा जिले का अन्नदाता किसान कर रहा। मूंग खरीदी में भी अव्यवस्थाओं का अंबार लगा है। मूंग का पैसा भी समय से किसान के खातों में नहीं आ रहा । इसी प्रकार कई अन्य कांग्रेस नेताओ ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए मोहन यादव सरकार पर है। हमला बोला।
इसके साथ ही 7 सूत्रीय मांगों को लेकर एक ज्ञापन अधिकारियों को दिया गया।
क्या है। मुख्यमंत्री के नाम पत्र में।
प्रति,
माननीय मुख्यमंत्री महोदय, म.प्र. शासन भोपाल (म.प्र.)
विषय :- जिले में चल रही यूरिया एवं डीएपी खाद की कमी एवं मूंग उपज के भुगतान के संबंध में।
महोदय जी,
जिला किसान कांग्रेस हरदा जिले के किसानों की निम्नलिखित समस्याओं की ओर से आपकी ध्यान आकर्षित कराना चाहते है कि :-
1) हरदा जिले में विगत् 1.5 माह से किसानों को यूरिया एवं डीएपी खाद के लिए रात्रि 12 बजे से डी.एम.ओ. गोदाम के सामने लाईन लगाकर खड़ा होना पड़ रहा है, लेकिन किसानों को यूरिया एवं डीएपी खाद नहीं मिल रही है। तत्काल किसानों को यूरिया एवं डीएपी खाद पर्याप्त मात्रा में सोसायटियों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाये।
2) जिन किसानों ने समर्थन मूल्य पर अपनी मूंग उपज बेच दी है. 15 दिन बीत जाने के बाद भी उन्हें भुगतान नहीं किया गया है, ऐसे किसानों को तत्काल उनकी उपज का भुगतान किया जाये।
3) जिन किसानों की खरीफ फसल सोयाबीन अथवा मक्का अमानक बीज होने की वजह से बोनी खराब हुई है, ऐसे किसानों को सर्वे कराकर तत्काल राहत राशि दी जाये।
4) जिले में ऐसे भी हजारों किसान है, जिनके खेतों में अभी तक मूंग की फसल
खड़ी है, क्योंकि जल्दी बारिश होने की वजह से मूंग की कटाई नहीं हो पाई थी। जिला प्रशासन द्वारा सर्वे कराकर ऐसे किसानों को भी राहत राशि दी जाये।
5) जिले की सभी मण्डियों में माह मार्च, अप्रैल, मई एवं जून 2025 में कितने किसानों ने मूंग की उपज बेची थी और किन-किन व्यापारी ने अभी तक कितने मेट्रिक टन मूंग खरीदा है, उसकी जाँच होना चाहिए, क्योंकि ये वो किसान हैं, जो अधिकांश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के अंतर्गत आते हैं, इसके अलावा मध्यम वर्ग के किसान हैं, जिन्होंने अपनी आवश्यकता अनुसार 3500 से 6500 रुपये प्रति क्विंटल तक के भाव में अपनी मूंग फसल बेची थी। जिला प्रशासन के माध्यम से सत्यापन कराया जाकर ऐसे किसानों को अन्तर की राशि दी जाये।
6) जिले में किसानों की हजारों एकड कृषि भूमि में जल्दी बारिश होने की वजह से बोनी नहीं हो पाई है. ऐसे किसानों को राहत राशि दी जाये।
7) जाये। खरीफ सीजन की सोयाबीन एवं मक्का की फसल को समर्थन मूल्य पर खरीदा
अतः श्रीमान से निवेदन है कि उक्त सभी बिन्दुओं पर तत्काल प्रभाव से निराकरण करने की कृपा करें। अन्यथा जिला किसान कांग्रेस हरदा किसानों के साथ मिलकर आन्दोलन का रास्ता अपनाएगी।
भवदीय
जिला किसान कांग्रेस

