इंदौर। इंदौर में नायता मुंडला बस स्टैंड से बसों का संचालन अब संभव हो सकेगा। मंगलवार को हाईकोर्ट ने बस संचालकों की याचिका को खारिज कर दिया, जिससे नायता मुंडला से बसों के संचालन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। साथ ही तीन इमली बस स्टैंड को स्थानांतरित करने की याचिका भी कोर्ट ने खारिज कर दी है। अब आने वाले समय में दोनों बस स्टैंड को स्थानांतरित किया जा सकेगा।
पिछले वर्ष फरवरी में क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार इंदौर संभाग ने नायता मुंडला स्थित आईएसबीटी को बस स्टैंड के रूप में अधिसूचित किया था, जबकि नौलखा बस स्टैंड को गैर अधिसूचित घोषित किया गया था। इस निर्णय के अनुसार, डबल चौकी, खातेगांव, चापड़ा, कन्नौद, नेमावर, हरदा, होशंगाबाद, बैतूल आदि शहरों के लिए बसों का संचालन नायता मुंडला से होना था, लेकिन बस संचालकों ने इस निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसके कारण मामला लंबित रहा।
तीन इमली से चलने वाली बसों को किया जाएगा स्थानांतरित
अब हाईकोर्ट द्वारा याचिका खारिज होने के बाद बसों को नायता मुंडला स्थानांतरित करने की प्रक्रिया फिर से शुरू होगी। तीन इमली से संचालित होने वाली बसों को भी स्थानांतरित किया जाना है, लेकिन यह अभी तय नहीं है कि इन्हें नायता मुंडला भेजा जाएगा या एमआर-10 स्थित आईएसबीटी।
नौलखा बस स्टैंड से प्रतिदिन 80 से अधिक बसों का संचालन होता है, जिनमें से अधिकांश बसें नेमावर रोड से होकर विभिन्न शहरों के लिए चलती हैं। सुबह से लेकर देर रात तक चलने वाली इन बसों के कारण तीन ईमली से नौलखा तक कई बार जाम की स्थिति उत्पन्न होती है, इसलिए प्रशासन ने इन्हें स्थानांतरित करने का निर्णय लिया था।

