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तीसरी बार चालान का झटका – भोपाल में हेलमेट की अनदेखी अब महंगी पड़ सकती है

भोपाल। सड़कों पर लोगों के चालान काट खुद नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले पुलिसकर्मियों को यातायात सुरक्षा नियमों की अनदेखी अब बहुत भारी पड़ेगी। पुलिस प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (पीटीआरआई) ने पुलिसकर्मियों को दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य किया है। नए निर्देशों में कहा गया है कि दो बार से अधिक बिना हेलमेट किसी पुलिसकर्मी का चालान हुआ तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।

बात यहीं तक नहीं है। नये आदेशों में यह भी है कि इस कार्रवाई के बाद भी पुलिसकर्मी यातायात सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने से बाज नहीं आए तो उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी होगी। यानी इस मनमानी से उनकी नौकरी पर भी आंच आ सकती है। पीटीआरआई के इस निर्देश के बाद पूरे प्रदेश की पुलिस में हलचल मच गई है। भोपाल में ही अब तक 100 से अधिक पुलिसकर्मियों के चालान बनाए जा चुके हैं। इनमें अधिकतर ऐसे हैं जो बिना हेलमेट ड्यूटी पर या निजी काम से दोपहिया वाहन लेकर निकले थे। कई मामलों में तो पुलिसकर्मी खुद ट्रैफिक सिग्नल तोड़ते या मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाते हुए पकड़े गए।

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पीटीआरआई ने सभी जिला पुलिस के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों पर नियमित निगरानी रखें और यदि कोई नियमों की अनदेखी करता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई करें। यह भी कहा गया है कि सड़क पर पुलिसकर्मी आम जनता के सामने अनुशासन और जिम्मेदारी का प्रतीक होते हैं, ऐसे में उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे खुद ट्रैफिक नियमों का पालन कर उदाहरण प्रस्तुत करें। अधिकारियों का कहना है कि इस सख्ती का मकसद केवल अनुशासन बनाना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति पुलिसकर्मियों में जागरूकता बढ़ाना भी है। अगर पुलिस ही नियमों को तोड़ेगी तो जनता से पालन की उम्मीद कैसे की जा सकती है?

इस तरह पकड़ में आएगी खाकी की बदमाशी
चालानी कार्रवाई के दौरान पुलिस नाम और मोबाइल नंबर का ब्यौरा लेती है। जिस-जिस व्यक्ति का चालान बनता है, उसका रिकॉर्ड जिला पुलिस के पास दर्ज होता है। एक निश्चित समय के बाद जिला पुलिस देखेगी कि कितने पुलिसकर्मियों पर लगातार हेलमेट नहीं पहनने को लेकर कार्रवाई हुई है। उनका डाटा तैयार किया जाएगा और फिर दो बार से अधिक उल्लंघन करने वालों के लाइसेंस निरस्त करने का प्रस्ताव तैयार होगा।