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अमेरिका की चापलूसी कर रहे पाकिस्तान ने कहा- दुनिया की जरुरत हैं राष्ट्रपति ट्रंप

इस्लामाबाद। नोबेल शांति पुरस्कार के ऐलान के चार दिन बाद ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पुरस्कार के लिए फिर नॉमिनेट कर दिया। शरीफ का कहना है कि दुनिया को इस समय सबसे ज्यादा ट्रंप की जरूरत है। गाजा में शांति के लिए आयोजित शिखर सम्मेलन में शरीफ ने कहा, मैं इस महान राष्ट्रपति को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नॉमिनेट करना चाहता हूं, क्योंकि मुझे वास्तविक तौर पर लगता है कि वह वास्तविक रूप से सबसे शानदार उम्मीदवार हैं। मुझे लगता है कि आप वह व्यक्ति हैं, जिसकी जरूरत इस दुनिया इस समय सबसे शरीफ ने कहा, दुनिया आपको ऐसे व्यक्ति के रूप में याद रखेगी, जिसने 7 और अब 8 युद्ध रुकवाने के लिए सबकुछ किया।

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पाकिस्तान पीएम ने कहा, अगर यह सज्जन नहीं होते, तो कौन जानता है कि क्या होता। भारत और पाकिस्तान दोनों परमाणु ताकतें हैं। अगर यह अपनी शानदार टीम के साथ उन चार दिनों में दखल नहीं देते, तो युद्ध उस स्तर तक पहुंच जाता, जहां कोई भी यह बताने के लिए नहीं बचता कि आखिर क्या हुआ था। नोबेल शांति पुरस्कार से चूकने के बाद, अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष समेत आठ युद्धों को सुलझाने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने यह नोबेल पुरस्कार के लिए नहीं किया। ट्रंप अब तक भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष समेत सात युद्धों को सुलझाने का दावा करते रहे हैं। हालांकि, अब उन्होंने इजराइल-गाजा संघर्ष को जोड़कर यह संख्या आठ कर दी है। वहीं वाइट हाउस ने नोबेल शांति पुरस्कार समिति की आलोचना करते हुए उस पर वैश्विक शांति में ट्रंप के योगदान को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। वाइट हाउस के संचार निदेशक स्टीवन चेउंग ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, नोबेल समिति ने साबित कर दिया है कि वे राजनीति को शांति से अधिक प्राथमिकता देते हैं। यह बात वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो को 2025 के नोबेल शांति पुरस्कार का विजेता घोषित किए जाने के कुछ घंटों बाद कही गई थी।