jhankar
ब्रेकिंग
उधारी के पैसे मांगने पर युवक पर जानलेवा हमला, सिर पर पत्थर मारकर किया लहूलुहान ऊंची टंकी बनी अभिशाप: घुटने टेक कर पानी पीने को मजबूर बच्चे,  नगर पालिका की लापरवाही उजागर, देखे वीड... आओ बनाएँ खूबसूरत मर्दानगी – बात बराबरी की" 7 दिवसीय अभियान का शुभारंभ वर्षा ऋतु में जल जनित बीमारियों से बचाव हेतु स्वास्थ्य विभाग ने दी सलाह हरदा में बिजली व्यवस्था होगी और मजबूत, नए पावर ट्रांसफार्मर लगेंगे हरदा में विद्युत चोरी पर बिजली कंपनी की बड़ी कार्यवाही मकड़ाई की सांझ चौपाल में कलेक्टर ने सुनी जनसमस्याएं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिये समुदाय में जागरूकता लाई जाए एनसीवीटी पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु प्रथम सूची जारी ग्रीष्मकालीन मूंग उपार्जन के लिए जिले में 40 केंद्र स्थापित

हरदा में खाद संकट गहराया: सरकार के सभी दावे फेल, किसानों को नहीं मिल रही यूरिया – मोहन सांई

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से की मुलाकात, ई-टोकन व्यवस्था बंद कर तत्काल यूरिया उपलब्ध कराने की मांग

हरदा। जिले में यूरिया खाद की किल्लत को लेकर किसानों की बढ़ती परेशानी के बीच जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहन सांई ने सरकार और जिला प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि “सरकार के सारे दावे फेल साबित हो गए हैं। एक माह पहले जिला प्रशासन पर्याप्त खाद भंडारण का दावा कर अपनी पीठ थपथपा रहा था, लेकिन आज हजारों किसान यूरिया के लिए दुकानों और डीएमओ गोदाम के चक्कर काटने को मजबूर हैं।”

मोहन सांई कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के साथ कलेक्टर से मिले और बताया कि कृषि विभाग के अनुसार जिले में 70 से 80 हजार हेक्टेयर में मक्का की बोनी हो चुकी है। बोनी के लगभग 25 दिन बाद किसानों को अब यूरिया की आवश्यकता है, लेकिन उन्हें खाद उपलब्ध नहीं हो रही है।

- Install Android App -

उन्होंने आरोप लगाया कि ई-टोकन प्रणाली में फॉस्फेटिक खाद का उठाव किए बिना यूरिया नहीं दिया जा रहा, जबकि फॉस्फेटिक खाद की जरूरत केवल बोनी के समय होती है। अब किसानों को सिर्फ यूरिया चाहिए। उन्होंने कहा कि फॉस्फेटिक खाद की कीमत 2,150 से 2,450 रुपये प्रति बोरी है, जिसे खरीदना आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों के लिए संभव नहीं है।

मोहन सांई ने कहा कि सरकार ने न तो किसानों का पूरा गेहूं समर्थन मूल्य पर खरीदा और न ही अभी तक मूंग खरीदी शुरू हुई है। ऐसे में किसान आर्थिक तंगी से गुजर रहा है।

कांग्रेस ने मांग की कि किसानों को बिना किसी बाधा के पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराया जाए, ई-टोकन व्यवस्था समाप्त की जाए तथा आगामी रबी सीजन के लिए डीएपी और यूरिया का पर्याप्त अग्रिम भंडारण सुनिश्चित किया जाए।

कलेक्टर से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में जिला संगठन महासचिव गोविंद सूरमा, रामदास तोमर, विक्रम चौहान और हरिसिंह राजपूत भी शामिल रहे।