हरदा न्यूज: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में लापरवाही बरतने पर 09 बूथ लेवल अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी।
हरदा। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मध्यप्रदेश राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य दिनांक 30.10.2025 से प्रारंभ किया गया है, उक्त के अनुक्रम में विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 135-हरदा में भी विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य जारी है। इसके तहत प्रथम चरण में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वह वर्ष 2025 की मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं के नामो का वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज उनके स्वयं के या उनके परिवार के सदस्यो के नाम से मैपिंग कार्य किया जाना है।
निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी 135 -हरदा द्वारा समीक्षा के दौरान यह पाया गया है कि कुछ बीएलओ द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण में मैपिंग के कार्य में लापरवाही एवं उदासीनता बरती गई है, जिसके कारण 09 बीएलओ के विरूद्ध रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किये गये है।
जिन बीएलओ के विरूद्ध नोटिस जारी किये गये है उनमें मतदान केन्द्र कमांक-105, श्रीमती नीलम दुबे, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हरदा, मतदान केन्द्र कमांक-126, श्री गौरीशंकर छापरे, सहायक ग्रेड 03 हरदा, मतदान केन्द्र कमांक-17, श्री विष्णु प्रसाद निकुम, सचिव सिगोन, मतदान केन्द्र कमांक-10, श्रीमती रेखा कलम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हनीफाबाद, मतदान केन्द्र कमांक-25, श्री संजय कुमार वर्मा, सचिव पांचातलाई, मतदान केन्द्र कमांक-26, श्री बालाराम वर्मा, सचिव सचिव जामलीदमामी, मतदान केन्द्र कमांक-111, श्री सुशीला कुल्हारे, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हरदा, मतदान केन्द्र क्रमांक-175, श्रीमती पार्वती राठौर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मगरधा एवं मतदान केन्द्र कमांक-77. श्रीमति अनुसुईया श्रीवास, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मंझली।
निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी हरदा ने बताया कि इन सभी बूथ लेवल अधिकारियों को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के अंतर्गत कारण बताओ नोटिस जारी किये गये है तथा उन्हे 03.11.2025 तक अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये है, निर्धारित तिथि तक कार्य पूर्ण नही होने तथा संतोषजनक उत्तर प्राप्त न होने की स्थिति में संबंधित कर्मचारियों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी।
इस पर निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन कार्य अत्यंत संवेदनशील एवं राष्ट्रीय महत्व का कार्य है। अतः सभी अधिकारी-कर्मचारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे पूर्ण निष्ठा, तत्परता एवं पारदर्शिता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

