बुरहानपुर। बुरहानपुर के जैनाबाद गांव में भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज माने की पत्नी और बेटी के साथ कथित अभद्र व्यवहार के मामले में अब जिलाध्यक्ष ने अपना पक्ष रखा है। शिकारपुरा थाना पुलिस ने जिलाध्यक्ष की पत्नी की शिकायत पर जैनाबाद की सरपंच, सरपंच प्रतिनिधि और उनके भाई के खिलाफ केस दर्ज किया था।
डॉ. माने ने बताया कि यह घटना 9 दिसंबर की है, जब वे सांसद खेल महोत्सव में शामिल होने खकनार मंडल गए थे। इसी दौरान जैनाबाद में सरपंच प्रतिनिधि महेंद्र इंगले, उनके परिजनों और कुछ समर्थकों ने उनकी पत्नी और बेटी के साथ गाली-गलौज और मारपीट की। उन्होंने कहा कि किसी भी महिला या युवती को बंधक बनाने का अधिकार किसी को नहीं होता।
पुलिस ने ग्रामीणों की मौजूदगी में की कार्रवाई-जिलाध्यक्ष ने आगे कहा कि पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों की उपस्थिति में सार्वजनिक रूप से कार्रवाई की है। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त किया कि जो लोग अब कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज करा रहे थे, वे घटना के समय गांव में मौजूद नहीं थे। डॉ. माने के अनुसार, तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है और सरपंच प्रतिनिधि द्वारा दिया गया बयान घटना की स्वीकारोक्ति प्रतीत होता है।
मुकदमा दर्ज, विरोध में ज्ञापन- शिकारपुरा थाने में भाजपा जिलाध्यक्ष की पत्नी की शिकायत पर जैनाबाद सरपंच जयाश्री महेंद्र इंगले, उनके पति महेंद्र इंगले और भाई राजू पिता खेमचंद इंगले के खिलाफ विभिन्न धाराओं 191-2, 296 ए, 115-2, 351-3 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस कार्रवाई के विरोध में बुधवार को जैनाबाद के ग्रामीणों और सरपंच समर्थकों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा था।
नए रोड से वाहन निकालने को लेकर हुआ था विवाद- इस पूरे मामले की शुरूआत गांव में बन रहे एक सीसी रोड से वाहन निकालने को लेकर हुई थी। मंगलवार को भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज माने के ड्राइवर ने नए रोड से ट्रैक्टर-ट्रॉली निकाली, जिस पर सरपंच प्रतिनिधि महेंद्र इंगले ने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि इससे नया रोड खराब हो जाएगा। इसी बात को लेकर सरपंच प्रतिनिधि और जिलाध्यक्ष के परिवार के बीच विवाद शुरू हुआ। मंगलवार दोपहर को हुए विवाद के बाद रात में भी यह विवाद बढ़ा। इसके बाद भाजपा जिलाध्यक्ष की पत्नी की शिकायत पर बुधवार को केस दर्ज किया गया। इसके बाद सरपंच समर्थक और गांव के लोग कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और कार्रवाई को गलत बताया। अब इसी मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष ने अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है।

