हंडिया।बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत हरदा जिले के हंडिया तहसील स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नयापुरा में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम जिला कार्यक्रम अधिकारी राजा रंगारे के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें लगभग 280 बालक-बालिकाओं एवं शिक्षकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग से रविराज राजपूत ने बच्चों को संबोधित करते हुए बताया कि बाल विवाह एक सामाजिक अभिशाप है, जो बच्चों के मानवाधिकारों का उल्लंघन करता है। इससे विशेषकर लड़कियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। कम उम्र में गर्भधारण से मातृ-शिशु मृत्यु दर, कुपोषण, घरेलू हिंसा और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं बढ़ती हैं, जिससे समाज का समग्र विकास भी प्रभावित होता है।
साथ ही बाल श्रम पर जानकारी देते हुए बताया गया कि यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास के लिए अत्यंत हानिकारक है। इससे बच्चों से शिक्षा का अधिकार छिन जाता है और वे कुपोषण, बीमारियों तथा शारीरिक शोषण का शिकार बनते हैं। बाल श्रम गरीबी के दुष्चक्र को बढ़ाता है और बचपन को नष्ट कर देता है।
इस अवसर पर बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि यह टोल-फ्री आपातकालीन सेवा है, जो बाल विवाह, बाल मजदूरी, शोषण या किसी भी संकट में फंसे बच्चों की सहायता के लिए 24 घंटे उपलब्ध रहती है। कोई भी बच्चा या उनके लिए चिंतित व्यक्ति इस नंबर पर कॉल कर सहायता प्राप्त कर सकता है।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग से आशीष जोशी, शुभम धार्मिक, दिव्या राजपूत सहित विद्यालय के शिक्षकगण उपस्थित रहे।

