हरदा: हॄदय नगरी हरदा में महिला दिवस पर महिलाओं के ठुमके, सिग्नेचर बोतल की प्रदर्शनी और इनके बीच व्यापारी संघ हरदा द्वारा पंचमी पर मौज मस्ती का राग-रंग ! दयोधन गौशाला जहां गौ सेवा की जाती है उस जगह पर अन्य प्रदेश की तर्ज पर लग रहे ठुमके और मर्यादा और होश को एक तरफ रख कर हरदा की संस्कृति को सामूहिक रूप से दी जा रही तिलांजलि प्रदर्शनीय है। ध्यान रहे, व्यापारी संघ के इस कार्यक्रम से महिलाओं को उक्त आयोजन से दूर रखा गया है। वजह मंच पर स्पष्ट है। सिग्नेचर शराब की प्रदर्शनी आपके नेचर और आपके चिह्न का प्रदर्शन करती हैं। हमारा ऐसा मानना है कि ऐसे आयोजन जहां पिता पुत्र एक साथ मौजूद हों वहां घर की महिला की अनुपस्थिति संस्कृति का परिचय नहीं देती है।
पड़ोसी जिले खँडवा में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर एक 90 वर्षीय वृद्धा के साथ हुआ गैंगरेप सबके संज्ञान में है।
साथ ही 2 वर्ष पूर्व आयोजन स्थल से महज कुछ दूरी पर बारूद विस्फोट में एक दर्जन काल कवलित लोगों की राख भी अभी बारूद फेक्ट्री के आसपास ही बिखरी हुई है। लेकिन इस कार्यक्रम में शामिल बुद्धिजीवी, जननायक, धर्मनिष्ठ, साहित्यकार, समाजसेवियों को इससे कोई सरोकार नहीं है।
हम ना तो पर्व विरोधी हैं ना धर्म विरोधी । संस्कृति के सार्वजनिक रूप अपमान के खुले विरोधी हैं। हमारा अपना भी कोई ऐसे आयोजन में शामिल होगा तो विरोध दर्ज करेंगे।
ध्यान रहे ये निजी कार्यक्रम नहीं है। होली और रंगपंचमी हुड़दंग और असभ्यता का पर्व नहीं है। भारतीय त्योहारों की पवित्रता और शालीनता सहेजने योग्य है। होश रखिये, होश में रहिये।
हम ना तो शिकायत कर रहे न शिकवा। हमारा मकसद उक्त स्थल पर मौजूद जिम्मेदारों के इस गैरजिम्मेदाराना रवैये का अहसास कराना भर है। जिससे भविष्य में पुनरावृत्ति न हो।
महिला दिवस पर ऐसे आयोजन का औचित्य, शहर की संस्कृति के बिगड़ते स्वरूप को सुधारने की मांग करते हुए हम आदरणीया समस्त महिलाओं को सादर नमन करते हुए उनसे न्याय की मांग करते हैं।
आप सभी को रंगपर्व की शुभकामनाएं, प्रणाम 💐💐

