jhankar
ब्रेकिंग
हंडिया की दुकानों में बिजली तो भरपूर, पर कनेक्शन का हिसाब कौन बताएगा? गाँव वालों ने किया लाड़ली का भव्य स्वागत: चतरखेड़ा की बेटी अनामिका रघुवंशी बनीं एएसआई , जश्न में डूबा... बानापुरा शराब दुकान में मिलावट का मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा माह के पहले कार्य दिवस की शुरूआत ‘‘वंदेमातरम्’’ गायन से हुई शराब दुकान पर मिलावट वीडियो के बाद हड़कंप, आबकारी विभाग दो दिन से कर रहा जांच 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों के आधार कार्ड बनवाएं आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम के तहत विभिन्न गतिविधियों का हुआ आयोजन अनुसूचित जाति जनजाति संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बाबा साहेब की मूर्ति लगाने के लिए एसडीएम को सौंपा ज्... प्रवासी मजदूर के दिव्यांग बच्चे को मिली निःशुल्क ट्राईसिकल खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने जलाराम किराना से लिया सोयाबीन ऑयल का नमूना

KBC फेम तहसीलदार अमिता सिंह तोमर सस्पेंड, राहत राशि में घोटाले का आरोप

भोपाल। मध्‍य प्रदेश के चंबल कमिश्नर सुरेश कुमार ने मंगलवार को एक बड़ा एक्शन लेते हुए विजयपुर तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को सस्‍पेंड कर दिया है। कमिश्नर ने सस्‍पेंशन की कार्रवाई कलेक्टर अर्पिता वर्मा की रिपोर्ट के बाद की है।

राहत राशि वितरण में घोटाले का आरोप
दरअसल, 2021 में बड़ाैदा तहसील में राहत राशि वितरण करते समय करीब ढाई करोड़ रुपये के घोटाले को अंजाम दिया था। अमिता सिंह पर फर्जीवाड़ा कर अपात्रों को मुआवजा बांटने का आरोप लगा है। मामले में सरकारी आदेश के अनुसार, तहसीलदार अमिता सिंह तोमर पर एक पुलिस केस भी दर्ज है, जिसकी जांच चल रही है।

नियम के तहत किया सस्‍पेंड
निमय कहते हैं कि यदि किसी भी सरकारी अफसर को 48 घंटे से ज्यादा जेल (न्‍यायिक हिरासत) में रखा जाता है तो उस अधिकारी को सस्‍पेंड करना जरुरी होता है। तहसीलदार तोमर भी 48 घंटे से ज्यादा समय तक न्‍यायिक हिरासत में रही थीं। यही कारण है कि उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।

- Install Android App -

निलंबन पर लगे नियम
इस मामले में सस्‍पेंशन के दौरान अमिता सिंह तोमर को गाइडलाइन नियमों के अनुसार गुजारा भत्ता मिलता रहेगा। इसके साथ ही उनका एक मुख्‍यालय भी तय किया जाएगा, जहां अमिता सिंह तोमर को अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद विभाग यह तय करेगा कि आगे उन पर किस प्रकार से कार्रवाई की करनी है।

तहसील के कामकाज पर होगा असर
अमिता सिंह तोमर के पद से हटने के बाद वहां के सरकारी कामों को संभालने के लिए अब प्रशासन किसी दूसरे अधिकारी को जिम्मेदारी सौंप सकती है। इससे तहसील में होने वाले आम लोगों के काम किसी भी तरह से प्रभावित नहीं होंगे।

राहत घोटले में प्राइम सस्‍पेक्‍ट अमिता सिंह
बड़ौदा में बाढ़ राहत घोटाले में 25 पटवारी समेत महिला तहसीलदार अमिता सिंह प्राइम सस्‍पेक्‍ट हैं। उनकी हाई कोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद ग्वालियर से उन्‍हें गिरफ्तार कर लिया गया था और श्‍योपुर कोर्ट में पेश करने के बाद शिवपुरी महिला जेल भेज दिया गया था।